कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से कुदरत के कहर देखने को मिला। जहां निरमंड उपमंडल में अचानक लैंडस्लाइड होने से पूरा पहाड़ दरक कर सड़क पर आ गिरा। इस भयानक लैंडस्लाइड के कारण बागीपुल-जाओं सड़क पूरी तरह से ब्लॉक हो गई है, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। वहीं लैंडस्लाइड से 200 मीटर सड़क ही इस लैंडस्लाइड के बाद गायब हो गई। जिला आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी सूचना में बताया गया कि सुबह करीब 10:12 बजे हुई।
लोक निर्माण विभाग निरमंड के जेई दीप शर्मा ने डीडीएमए को बताया बागीपुल के पास सड़क पर भूस्खलन हुआ, जिसके चलते मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। मामले की जानकारी कुल्लू पुलिस कंट्रोल रूम, पीडब्ल्यूडी एसडीओ आनी, पीडब्ल्यूडी जेई निरमंड और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन आनी को दी गई है औऱ सड़क से मलबा हटाने और मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि कांगड़ा, मंडी और बिलासपुर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है।
संदीप शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रामनगर में करीब 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शिमला में लगभग 60 मिलीमीटर बारिश हुई। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कांगड़ा, मंडी और बिलासपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, बिलासपुर और शिमला में भारी बारिश की संभावना है।
वहीं 2 सितंबर को कांगड़ा, सोलन, शिमला और आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 3 सितंबर को भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि 31 अगस्त से 3 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा। इसके बाद 4 सितंबर को भी कई मध्यवर्ती क्षेत्रों में बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 5 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।