जालंधर, ENS: पंजाब में 5 जिलों में किसान मजदूर मोर्चा द्वारा ‘रेल रोको’ आंदोलन चलाया गया। इस दौरान किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम करके मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इन 5 जिलों में अमृतसर, गुरदासपुर, मोगा, फिरोजपुर और संगरूर-सुनाम शामिल है। लेकिन किसानों के इन जिलों में रेलवे ट्रैक जाम करने का असर जालंधर स्टेशन पर भी देखने को मिला। जहां रेलवे स्टेशन पर यात्री काफी परेशान दिखाई दिए। दरअसल, किसानों के प्रदर्शन के कारण रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। अमृतसर के देवीदासपुरा, ब्यास और फिरोजपुर के मलावाला में रेलवे ट्रैक पर किसानों के धरने के चलते शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रास्ते में ही रोक दी गईं।
पंजाब के अलग-अलग स्टेशनों पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं, वहीं,जालंधर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई है। हालात को सामान्य बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किसान मजदूर मोर्चा के वरिष्ठ नेता सरवन सिंह पंधेर और अन्य किसान प्रतिनिधियों की आईजी बॉर्डर रेंज और अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर के साथ बैठक संपन्न हो चुकी है।
इस वार्ता में प्रशासन के साथ क्या सहमति बनी है, इसकी आधिकारिक जानकारी सरवन सिंह पंधेर जल्द ही मीडिया को संबोधित करते हुए साझा करेंगे। दूसरी तरफ, अचानक शुरू हुए इस आंदोलन से रेलवे स्टेशनों पर आम यात्रियों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानीपत से ब्यास की यात्रा कर रहे सत्य मिड्डा ने बताया कि उनकी ट्रेन जालंधर स्टेशन पर अचानक रोक दी गई। यात्रियों को केवल इतना बताया गया कि आगे किसान आंदोलन के कारण ट्रेन नहीं जाएगी। हालांकि, रेलवे प्रशासन फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक बसों का इंतजाम करने का प्रयास कर रहा है।
जालंधर स्टेशन पर फंसे एक अन्य यात्री सुजीत प्रधान ने बताया कि वे अपने परिवार के छह-सात सदस्यों और छोटे बच्चों के साथ अमृतसर जा रहे थे। रिजर्वेशन टिकट होने के बावजूद ट्रेन रोक दिए जाने और स्टेशन पर किसी तरह की स्पष्ट सूचना न मिलने से यात्री परेशान हैं। अचानक रेल सेवा ठप होने से यात्रियों को छोटे बच्चों के साथ आगे के सफर के लिए अन्य गाड़ियां ढूंढने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।