शिमला: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और भाजपा के अन्य नेताओं द्वारा किए जा रहे दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार द्वारा किए गए सतत् प्रयासों को भाजपा नकार नहीं सकती।
मंत्रियों ने कहा कि छः राज्यों के बीच अंतिम समझौता करवाने में केंद्र सरकार की भूमिका अहम है, लेकिन भाजपा नेता इस तथ्य का अनुचित तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि मुख्मयंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस परियोजना में हिमाचल प्रदेश के वित्तीय हितों की रक्षा की है। सभी राज्यों में सर्वसम्मति से समझौता करवाया गया, लेकिन प्रदेश के राजस्व पर पड़ने वाले अनुचित वित्तीय बोझ से राज्य को वर्तमान प्रदेश सरकार ने बचाया है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यदि भाजपा नेता अपने दावों को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं, तो उन्हें पूरा दस्तावेजी रिकॉर्ड जनता के सामने रखना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि पहले क्या वित्तीय व्यवस्था थी, हिमाचल प्रदेश पर कितना बोझ प्रस्तावित था और वर्तमान सरकार को इस मामले को क्यों उठाना पड़ा तथा एक अलग परिणाम के लिए बातचीत क्यों करनी पड़ी। राजनीतिक बयानबाजी रिकॉर्ड को नहीं बदल सकती।