सेतिया बिल्डर ने 12.5 लाख रूपये ठगी के लगाये आरोप
जालंधरः महानगर में स्थित राजिंद्रा फर्नीचर हाउस के बाहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब सेतिया बिल्डर और उसके साथियों ने कथित बकाया राशि को लेकर हंगामा किया। बिल्डर का आरोप है कि फर्नीचर हाउस के मालिक ने उनके 12.5 लाख रुपये नहीं दिए हैं। हंगामे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और बाद में पुलिस भी पहुंच गई। जिसके बाद किसी तरह हंगामे को शांत कराया गया।
ठेकेदार करन सेतिया ने बताया कि उन्हें अबादपुरा इलाके में एक पीजी बनाने का ठेका दिया गया था। उनके अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट की कीमत 35 लाख रुपये तय हुई थी। उन्होंने समय पर निर्माण कार्य पूरा कर दिया, लेकिन काम खत्म होने के बाद भी उन्हें पूरी भुगतान राशि नहीं मिली।
करन सेतिया का कहना है कि उनके 12.5 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने कई बार फोन और अन्य माध्यमों से पैसे मांगने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला। इसी कारण वे अपने साथियों के साथ फर्नीचर हाउस के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनके बकाया पैसे जल्द दिलाए जाएं।
फर्नीचर हाउस मालिक ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, राजिंद्रा फर्नीचर हाउस के मालिक राजिंदर पावा ने बिल्डर के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पीजी निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच एक लिखित एग्रीमेंट हुआ था और समझौते के अनुसार सभी भुगतान कर दिए गए हैं।
राजिंदर पावा का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि फर्नीचर हाउस के बाहर हुए हंगामे से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और इस मामले में वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भुगतान को लेकर कोई गलतफहमी है तो दोनों पक्ष बैठकर हिसाब-किताब करने के लिए तैयार हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले की जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस पूरे विवाद की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है।


