जालंधर, ENS: लाडोवाली रोड पर स्थित आईडीएफसी बैंक में ग्राहक द्वारा हंगामा किया गया। जहां ग्राहक और बैंक कर्मियों द्वारा हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। मामले की जानकारी देते हुए ग्राहक राजिंदर कुमार ने कहा कि उसने बैंक से प्रॉपर्टी लोन करवाया था। इस दौरान उसने 5 से 6 साल तक ईएमआई का समय पर भुगतान किया। राजिंदर के अनुसार, उसके बाद कुछ किश्तें वह नहीं दे पाए। इसी दौरान उसने बैंक से क्रेडिट कार्ड लिया था। जिसमें बैंक कर्मियों द्वारा क्रेडिट कार्ड की 18 हजार रुपए किश्त तय की गई।
वहीं प्रॉपर्टी लोन की 9.60 लाख में सेटलमेंट हो गई। राजिंदर ने बताया कि बैंक कर्मियों ने क्रेडिट कार्ड के पैसे ले लिए। इस दौरान जब वह पैसे इकट्ठे करके आए तो बैंक कर्मी कहने लगे कि आपका लोन हमारे बैंक में नहीं है और लोन क्लोज है। जिसके बाद उन्होंने श्वेता नामक मेडम से कहाकि अगर लोन क्लोज है तो उन्हें एनओसी दी जाए। श्वेता ने कहा कि लोन का कोई रिकार्ड शो नहीं हो रहा। राजिंदर ने कहा कि वह बैंक को पैसे देने के लिए तैयार थे, लेकिन 2 साल तक वह बैंक के चक्कर काटते रहे। उन्होंने कहा कि अब नोएडा से एक फर्म से उनकी प्रॉपर्टी की कुर्की का नोटिस आ गया।
राजिंदर के अनुसार वह इस कंपनी को जानते भी नहीं है। पीड़ित का कहना हैकि उसने बैंक से पैसे लिए थे, लेकिन किसी ओर फर्म से कुर्की के नोटिस आ गया। राजिंदर ने कहा कि वह अब उन्हें यह नहीं पता कि उनके साथ स्कैम हुआ है। राजिंदर ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी प्रॉपर्टी कुर्क हुई तो वह बैंक के खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। वहीं एएसआई सुरिंदर ने कहा कि राजिंदर ने प्रॉपर्टी लोन बैंक से लिया था। उनका कहना हैकि किश्तें अदा नहीं की। वहीं बैंक के लोन डिपार्टमेंट के इंचार्ज ने कहा कि वह किसी काम के सिलसिले से बाहर है और आकर मामले को लेकर बात करेंगे। एएसआई ने कहा कि अगर दोनों पक्षों में समझौता नहीं होता तो पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह कोर्ट का रुख करेंगे।
