चंडीगढ़ : हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने गर्मी के इस मौसम में पेयजल की सुचारु सप्लाई को लेकर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर कर दिया है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण सीजन में आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें, शिकायतों का त्वरित समाधान करें तथा जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित रखें। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि गर्मी का अगला महीना भी विभाग के लिए सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होता हैं। ऐसे समय में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को विभागीय के अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जल निकासी तथा फ्लड सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की है। बैठक में प्रदेश के सभी सर्कलों की पेयजल व्यवस्था की अलग-अलग समीक्षा की गई तथा उन क्षेत्रों की विशेष रूप से चर्चा की गई जहां से पेयजल संकट की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इस दौरान मुख्य अभियंता श्री देवेंद्र दाहिमा सहित विभिन्न सर्कलों के अभियंता उपस्थित रहे, जबकि सभी सर्कलों के अंतर्गत आने वाले अधीक्षण अभियंता (एसई) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े। मंत्री रणबीर गंगवा ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से सरकार “हर घर नल में नल और उसमें स्वच्छ जल” के तहत कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य केवल पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। विभागीय अधिकारी इस उद्देश्य को मिशन मोड में पूरा करें।
फील्ड में रहकर करें काम, खराबी पर तुरंत लें एक्शन
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कार्य न करें बल्कि गांवों और शहरों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी ट्यूबवेल, मोटर, पाइपलाइन, बूस्टिंग स्टेशन या जलघर में खराबी आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मरम्मत कार्य में देरी के कारण यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग के साथ बेहतर तालमेल आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करें और नहरों में पानी की उपलब्धता, जल वितरण तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर कम है वहां विशेष रणनीति बनाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को टैंकरों या अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर न रहना पड़े।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बैठक के दौरान जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करें और जहां पानी की अनावश्यक बर्बादी होती दिखाई दे वहां नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल की सप्लाई आने पर कई स्थानों पर लोगों के घरों से व्यर्थ पानी बह रहा होता है, इस प्रकार की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की बर्बादी किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नियमों के तहत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि वर्तमान समय में पानी बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को पानी बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
