380 किमी दूर फैंकवाई न्यूड लाश, पुलिस ने किया गिरफ्तार
उन्नावः शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां शहर के बड़े हॉस्पिटल के मालिक पर 26 साल की लड़की की हत्या का आरोप लगा है। कुछ दिन पहले नग्न अवस्था में मिली युवती की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉक्टर ने रेप की FIR कराने पर लड़की को मिलने के लिए बुलाया था और बाद में स्कॉर्पियो के अंदर ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी के भतीजे और सिक्योरिटी गार्ड ने कानपुर से 380 किमी दूर बुलंदशहर में शव को निर्वस्त्र कर फेंक दिया। लड़की की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था।

लड़की जब काफी दिन घर नहीं लौटी तो मां ने आरोपी हॉस्पिटल संचालक देवकांत उत्तम और उसके भतीजे के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया। इसी बीच, आरोपी ने खुद को पेट में नुकीली चीज से मारकर घायल कर लिया। 31 मई को जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुआ, तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी देते कानपुर डीसीपी दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि उन्नाव की रहने वाली लड़की बर्रा बाइपास पर किराए के मकान में मां के साथ रहती थी। 10 फरवरी 2024 को वह उन्नाव आई थी। यहां उसकी तबीयत खराब हो गई जिसके बाद वह दवा लेने के लिए शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल पहुंची। यहां देवकांत उत्तम ने कुछ देर में दवा दिलवाने की बात कहकर उसे केबिन में बैठने को कहा जिसके बाद उसने नाम-पते की जानकारी के साथ उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया। दवा लेने के बाद लड़की घर लौट गई, लेकिन आरोपी देवकांत उत्तम ने उसे फोन करना शुरू कर दिया। उसने लड़की के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिस पर लड़की तैयार हो गई।
डीसीपी के मुताबिक, दोनों में दोस्ती बढ़ी और दोनों इकट्ठे घूमने भी लगे। इस बीच आरोपी लड़की को अपने कानपुर स्थित फ्लैट पर ले गया, जहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। 24 जुलाई 2025 को आरोपी लड़की को मध्य प्रदेश ले गया। दोनों होटल में ठहरे, जहां उसने लड़की का शारीरिक शोषण किया और उसके अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। इसी बीच लड़की गर्भवती भी हो गई। 1 अगस्त 2025 को देवकांत ने शहर के कल्याणपुर स्थित अस्पताल में गर्भपात करा दिया। लड़की ने आरोपी से शादी करने को कहा, तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद लड़की ने उससे मिलना-जुलना कम कर दिया। तभी आरोपी ने उसके न्यूड फोटो दिखाकर धमकी दी कि अगर वह दूर गई तो फोटो-वीडियो वायरल कर देगा। धमकी से परेशान लड़की ने 19 मई को उन्नाव की सदर कोतवाली में हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जानकारी जब आरोपी हॉस्पिटल संचालक देवकांत उत्तम को हुई, तो उसने लड़की की हत्या की साजिश रची। 21 मई को आरोपी ने लड़की को मिलने के लिए बर्रा बाइपास बुलाया। उसके साथ उसका भतीजा विवेक पटेल भी था। लड़की दोपहर 1:06 बजे घर से निकली। बर्रा बाइपास पहुंचने पर वहां पहले से स्कॉर्पियो में विवेक और देवकांत उत्तम मौजूद थे। जैसे ही लड़की स्कॉर्पियो में बैठी, देवकांत ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को लेकर आरोपी उन्नाव के शेखपुर स्थित अपने निर्माणाधीन अस्पताल पहुंचे। यहां देवकांत स्कॉर्पियो से उतर गया। इसके बाद विवेक और अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह शव को लेकर गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते बुलंदशहर चले गए।
22 मई की रात दोनों आरोपी जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अनूपशहर हाईवे से थोड़ी दूरी पर आम के बाग में पहुंचे। युवती की पहचान छिपाने के लिए उसके कपड़े उतारकर शव को बाग में फेंक दिया। हालांकि वे उसके हाथ से कलावा और नाक की कील निकालना भूल गए। 23 मई को बुलंदशहर पुलिस को शव मिला। शिनाख्त न होने पर पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने 24 मई को अंतिम संस्कार करा दिया।
इधर, 24 मई को लड़की घर नहीं पहुंची तो मां ने बर्रा थाने में आरोपी हॉस्पिटल संचालक और उसके भतीजे के खिलाफ बेटी के अपहरण और हत्या की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। केस दर्ज होने के बाद आरोपी विवेक पटेल ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक और साजिश रची, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया और हत्या व शव ठिकाने लगाने की पूरी कहानी बताई। इसके बाद पुलिस लड़की की मां और आरोपी को लेकर बुलंदशहर पहुंची। वहां पुलिस ने लड़की की डेडबॉडी की फोटो दिखाई। मां ने कलावा और नाक की कील से बेटी की पहचान की। भतीजे की गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम ने भी सोमवार को बर्रा थाने में सरेंडर कर दिया। अब पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
