कारगिल विजय दिवस पर ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
ऊना,सुशील पंडित: कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जिला स्तरीय कार्यक्रम एमसी ऊना के शहीद स्मारक में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल ने शहीद स्मारक पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
इस दौरान सहायक आयुक्त विनय मोदी, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, जिला सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक (रि.) कर्नल एस.के. कालिया, (रि.) कर्नल डी.पी. वशिष्ठ, (रि.) कर्नल उदय डडवाल,(रि.) कर्नल योगेश समनोल (सेना मेडल), पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष (रि.) कैप्टन शक्ति चंद, राईफल मैन स्वर्गीय रोशन लाल की पत्नी श्रीमती नीलम सहित पूर्व सैनिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शहीदों को सलामी देने तथा दो मिनट का मौन रखकर किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों के साहस, देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक है। आज हम सभी देशवासी इस बात के लिए कृतज्ञ हैं कि हमारा देश सुरक्षित, अखंड और मजबूत है, जिसमें हमारे वीर शहीदों का महत्वपूर्ण योगदान है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक है। इस युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पराजित कर सभी चौकियों पर पुनः कब्जा किया। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को देशभर में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें जिला ऊना के वीर सपूत कैप्टन अमोल कालिया और राइफलमैन मनोहर लाल भी शामिल थे। देश उनके साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सदैव सम्मान के साथ याद रखेगा।
उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में असाधारण वीरता के लिए चार सैनिकों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश के दो वीर—शहीद कैप्टन विक्रम बतरा (मरणोपरांत) और सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार—शामिल हैं। इन दोनों वीरों की बहादुरी और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी तथा प्रदेश को उन पर गर्व है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिजनों के साथ हमेशा खड़ा है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा करने तथा देश के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया।


