चंडीगढ़: पंजाब के शैक्षिक इतिहास में बड़े तकनीकी सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत 400 करोड़ रुपये के व्यापक डिजिटलीकरण प्रोजेक्ट की घोषणा की। इस पहल के तहत 5,012 सरकारी स्कूलों में 38,649 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे, 5,000 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित होंगी और 3,694 स्कूलों में 8,268 इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल लगाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर कक्षा शिक्षण को आधुनिक बनाना और विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पहल को शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढांचा पहले कभी लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार हर बच्चे को आधुनिक डिजिटल साधनों तक पहुंच देकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि पुराने कंप्यूटरों को बदलने और स्मार्ट कक्षाएं विकसित करने का काम शुरू हो चुका है तथा 20 मार्च तक पंजाब के हर जिले के स्कूलों में नए उपकरण पहुंचा दिए जाएंगे।

सरकार के अनुसार इस पहल से शिक्षा पद्धति में बड़ा बदलाव आएगा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा। स्कूलों में नई तकनीक के उपयोग से पढ़ाई अधिक प्रभावी और इंटरएक्टिव बनेगी, वहीं पारदर्शिता और सख्त निगरानी के साथ परियोजना लागू की जा रही है ताकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और भविष्य के अवसरों के लिए आवश्यक कौशल मिल सकें।