ऊना सुशील पंडित : भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना, जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, में “एआई-सक्षम सुरक्षित, बुद्धिमान एवं विश्वसनीय 6जी नेटवर्क हेतु अभिसारी संचार प्रणालियाँ” विषय पर एएनआरएफ (ANRF) प्रायोजित पाँच दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सुरक्षित 6जी संचार प्रणालियों के एकीकरण के माध्यम से अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों का उन्नत ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. भोला राम गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भविष्य की संचार प्रणालियों के विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6जी प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजिटल अवसंरचना के निर्माण के लिए अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने प्रतिभागियों को कार्यशाला के विशेषज्ञ व्याख्यानों, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और सहभागितापूर्ण अधिगम के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उभरती तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ. नमन गर्ग ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें सफल एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण अनुभव के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा कार्यशाला के दौरान सभी तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यान, MATLAB एवं Simulink आधारित हैंड्स-ऑन सत्र तथा एआई-सक्षम संचार प्रणालियों, सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेटवर्क, वायरलेस एवं ऑप्टिकल अभिसारी संचार प्रणालियों, कॉग्निटिव रेडियो, इंटेलिजेंट सेंसिंग तथा 6जी प्रौद्योगिकी के नवीनतम रुझानों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा वे अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क के वास्तविक अनुप्रयोगों से भी परिचित होंगे। इस कार्यशाला का समन्वयन डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा किया जा रहा है, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित हुआ है। एएनआरएफ प्रायोजित इस कार्यशाला के माध्यम से आईआईआईटी ऊना अनुसंधान-आधारित शिक्षा, नवाचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ कर रहा है तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारत के तीव्र गति से विकसित हो रहे संचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में योगदान देने के लिए तैयार कर रहा है।

