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गुरु अमर दास जी का जीवन त्याग, सेवा, समानता और मानवता का प्रेरणास्रोत: नायब सिंह सैनी

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चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिखों के तृतीय गुरु, श्री गुरु अमर दास जी का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा, समर्पण, समानता और मानवता का अद्वितीय प्रतीक है। उनका जीवन आज भी समाज को भाईचारे, मानव कल्याण और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखा रहा है तथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात शनिवार को पंजाब के लुधियाना स्थित अमरपुरा चौक के निकट गुरु अमर दास जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित 9वें विशाल कीर्तन समागम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन के लिए सेवा स्वरूप 5 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा करते हुए भविष्य में गुरुद्वारे से संबंधित विकास कार्यों के लिए हरसंभव सरकारी सहयोग का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अमर दास जी ने समाज में व्याप्त जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी कुरीतियों का सशक्त विरोध किया तथा “पहले पंगत, पीछे संगत” का संदेश देकर सामाजिक समानता और समरसता की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की, जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि गुरु जी का यह संदेश केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक क्रांति का आधार था।

मुख्यमंत्री ने गुरु अमर दास सेवा सोसायटी, सुखमनी सेवा सोसायटी तथा गुरु अमर दास गुरुद्वारा एवं धर्मशाला चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं एवं रागी जत्थों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना की पावन धरती पर रागी जत्थों द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा मधुर कीर्तन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद एवं शांति प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु अमर दास जी ने 60 वर्षों से अधिक समय तक एक विनम्र सेवक के रूप में जीवन व्यतीत किया और गुरु गद्दी प्राप्त करने के पश्चात समाज सुधार का व्यापक अभियान चलाया।

उन्होंने कहा कि गुरु अमर दास जी ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने सती प्रथा जैसी अमानवीय कुप्रथा का विरोध किया, विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया तथा महिलाओं को पर्दा प्रथा से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समाज भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में मानसिक तनाव, ईर्ष्या और संघर्ष जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे समय में गुरु अमर दास जी की शिक्षाएं मानवता को सही दिशा प्रदान करती हैं। आनंद साहिब की वाणी मानव जीवन को वास्तविक सुख, संतोष और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाती है।

हरियाणा और पंजाब केवल भौगोलिक दृष्टि से पड़ोसी राज्य नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत है। सिख गुरुओं के चरणों से हरियाणा की भूमि भी पवित्र हुई है और राज्य सरकार इस विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। स्वदेश दर्शन योजना के तहत आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, चमकौर साहिब, फिरोजपुर, अमृतसर, खटकड़ कलां, कलानौर और पटियाला को शामिल करते हुए विरासत सर्किट के विकास को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्योतिसर में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस कार्यक्रम में भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। साथ ही स्मारक सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया था। वर्ष 2019 में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अमृतसर से नांदेड़ तक विशेष हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित किया, जिसे पूरे देश में हर साल श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन विकसित करने तथा उनकी स्मृति में स्मारक द्वार बनाने का निर्णय लिया है। वर्ष 1984 के दंगों में प्रभावित 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाई गई है। वीर बाल दिवस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं इन परिवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शिक्षाओं पर शोध को बढ़ावा देने के लिए चेयर स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त सिरसा में ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब से संबंधित लगभग 9 एकड़ भूमि बिना किसी शुल्क के गुरुद्वारे के नाम हस्तांतरित की गई है।

अंबाला के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है। वहीं टोहाना-जींद-धमतान साहिब मार्ग का नाम गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा गया है। यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज को भी गुरु तेग बहादुर जी का नाम दिया गया है। असंध में बाबा फतेह सिंह जी तथा लाखन माजरा में माता गुजरी जी के नाम पर संस्थान स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा यमुनानगर के लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर का भव्य स्मारक विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना शुरू की है, जिसके तहत हजूर साहिब, ननकाना साहिब, हेमकुंड साहिब और पटना साहिब की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और सिरसा से हजूर साहिब, नांदेड़ के लिए श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेनें भी निःशुल्क आधार पर चलाई गई हैं।

राज्य सरकार सिख गुरुओं की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे के निकट लगे बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने के संबंध में भी बिजली विभाग से बात कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, भाजपा नेता चेयरमैन गुरदीप सिंह नीटू व अमरजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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