वैंकूवरः कनाडा सरकार ने करीब 8 साल पहले कनाडा आए एक भारतीय परिवार की शरण की अर्जी खारिज करने के बाद उसे भारत वापस भेज दिया है। पंजाब के जालंधर स्थित गोराया से संबंधित यह परिवार क्यूबेक प्रांत में रह रहा था। परिवार ने कनाडा में वर्षों तक काम करने और टैक्स देने के बाद मानवीय आधार पर भी देश में रहने की गुहार लगाई थी, लेकिन यह अपील भी खारिज कर दी गई।
परिवार के मुखिया हरीश वर्ष 2018 में भारत से कनाडा पहुंचे थे। उन्होंने शरण के लिए आवेदन करते दावा किया था कि भारत में वह किराने की दुकान चलाते थे। हरीश ने अपने आवेदन में दावा किया था कि 12 से 19 अगस्त, 2017 के बीच उन्हें कथित तौर पर गैरकानूनी हिरासत में रखा गया और प्रताड़ित किया गया। इसके बाद उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस होने लगा और वह भारत छोड़कर कनाडा चले गए थे।
कनाडा पहुंचने के बाद हरीश ने ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम किया। परिवार ने बताया कि 4 सितंबर को उन्हें संबंधित विभाग द्वारा सूचित किया गया कि शरण का दावा खारिज होने के कारण उन्हें 7 सितंबर को कनाडा से डिपोर्ट किया जाएगा। विमान में सवार किए जाने से पहले हरीश की मानवीय आधार पर कनाडा में रहने की अपील भी खारिज कर दी गई।
कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जब किसी विदेशी नागरिक को देश छोड़ने का अंतिम आदेश जारी हो जाता है और उसे हिरासत में ले लिया जाता है तो एजेंसी के पास उसे वापस भेजने के अलावा सीमित विकल्प रह जाते है। बताया गया है कि ऐसे हजारों अन्य मामले भी एजेंसी के पास है, जिनमें डिपोर्टेशन की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।