नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आईआईएफएल फाइनेंस के गोल्ड लोन कारोबार पर लगे बैन को हटा दिया है। यह प्रतिबंध 4 मार्च, 2024 को लगाया गया था, जिसके कारण कंपनी गोल्ड लोन की मंजूरी और वितरण नहीं कर पा रही थी। आरबीआई ने 19 सितंबर, 2024 को यह जानकारी दी कि अब आईआईएफएल को सभी नियमों का पालन करते हुए गोल्ड लोन देने की अनुमति है।
इससे पहले, आरबीआई ने कंपनी की वित्तीय स्थिति का जायजा लिया था और गोल्ड लोन प्रक्रिया में कुछ चिंताएं पाई थीं, जैसे लोन मंजूरी में देरी और सोने की शुद्धता की जांच में गड़बड़ी। अब, आईआईएफएल ने उच्चतम अनुपालन मानकों को बनाए रखने का आश्वासन दिया है, जिससे ग्राहकों के लिए गोल्ड लोन लेना फिर से सरल हो जाएगा।
बैन हटाने की जानकारी
आईआईएफएल फाइनेंस ने बताया कि आरबीआई ने 19 सितंबर, 2024 को इस रोक को हटा दिया है। अब कंपनी को सभी नियमों का पालन करते हुए गोल्ड लोन की मंजूरी, वितरण और बिक्री फिर से शुरू करने की अनुमति मिली है।
बैन का कारण
आरबीआई ने कहा था कि आईआईएफएल फाइनेंस की वित्तीय स्थिति की जांच के दौरान गोल्ड लोन से जुड़ी कुछ चिंताएं मिली थीं। इसमें लोन की मंजूरी में समय लगना, डिफॉल्ट होने पर सोने की नीलामी में शुद्धता और वजन की जांच में गड़बड़ियाँ शामिल थीं। इसी कारण रोक लगाई गई थी।
आरबीआई ने यह भी कहा कि ये गतिविधियाँ ग्राहकों के हितों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अब आरबीआई कंपनी के दस्तावेजों की जांच करेगा, जिसके बाद बैन की समीक्षा की जाएगी।
आगे का रास्ता
आईआईएफएल फाइनेंस ने कहा है कि वह उच्च मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और जो सुधार किए गए हैं, उन्हें जारी रखेगा।
इस निर्णय से ग्राहकों के लिए गोल्ड लोन लेना अब आसान हो जाएगा, जिससे वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे।
