नई दिल्ली: भारत में जब भी गंगा आरती का नाम लिया जाता है तो पहले वाराणसी, हरिद्वार और ऋषिकेश का घाट सबसे पहले याद आता है परंतु बीते दिन सात समुंदर पार लंदन में भी गंगा आरती का भव्य नजारा देखने को मिला। टेम्स नदी के किनारे गंगा आरती का भव्य नजारा हजारों लोगों ने देखा। हिंदू मंत्रों, शंख और दीपों के साथ पूरा माहौल ही बदल गया।
कार्यक्रम में शामिल हुए हजारों लोग
गंगा आरती का यह आयोजन लंदन के ग्रीनविच में स्थित ओल्ड रॉयल नेवल कॉलेज में हुआ। चिन्मय मिशन यूके ने इसे टोटली टेम्स फेस्टिवल के साथ मिलकर आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। गंगा आरती में बड़े बहु स्तरीय तेल के दीप भी जलाए गए। इसके साथ ही प्रार्थना, संगीत और मंत्रों का जाप किया गया। भारत में होने वाली गंगा आरती के जैसे यहां भी नदी के प्रति सम्मान और आभार जताया गया है। आयोजकों के अनुसार, गंगा आरती सिर्फ एक धार्मिक रस्म ही नहीं थी। यह प्रकृति और जीवन को बनाए रखने वाली चीजों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक तरीका भी है।
दक्षिण एशियाई समुदाय के लोग भी हुए शामिल
यह आयोजन ब्रिटेन के हिंदू और दक्षिण एशियाई समुदाय के साथ-साथ सभी पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल हुए। भारतीय परंपराओं को समझने के लिए लोग इस गंगा आरती में शामिल हुए। इस गंगा आरती को सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि लोगों के साथ जोड़ने वाले आयोजन के रुप में पेश किया गया।
भारतीय संस्कृति की दिखी खास झलक
मुख्य आरती से पहले कार्यक्रम में भारतीय संगीत, डांस, खाने और दूसरे सांस्कृतिक गतिविधियां भी हुई। वहीं बच्चों के लिए इस दौरान कार्यक्रम भी रखे गए थे। इससे यह आयोजन सिर्फ पूजा तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति और समुदाय को भी जोड़ने वाला कार्यक्रम भी बताया गया।
लंदन की यह गंगा आरती इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें सदियों पुरानी नदी पूजा की परंपरा को नए देश और नई नदी के किनारे पेश किया गया। गंगा और थेम्स के किनारे पर हुए इस आयोजन में धर्म के साथ-साथ प्रकृति, संस्कृति, ज्ञान और भारतीय समुदाय से जुड़ाव का संदेश भी देखने को मिला।