देहरादूनः उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारें में शोक की लहर है। उनके आवास पर लगातार पिछले कई दिनों राजनेताओं और परिजनों के आने का सिलसिला जारी था। पूर्व सीएम के परिवार ने उनके निधन की जानकारी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के परिवार में पत्नी अरूणा, एक बेटा मनीष और बेटी रितु खंडूरी भूषण हैं।

पूर्व सीएम खंडूरी की बेटी और राज्य विधानसभा की अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने अपने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि वयोवृद्ध नेता ने निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल खंडूड़ी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई।
बता दें कि भुवन चन्द्र खंडूरी केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री का पद संभाला था। देश के चारों हिस्सों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का श्रेय उन्हें दिया जाता है। प्रदेश की राजनीति का एक कद्दावर और ईमानदार चेहरा रहे भुवन चन्द्र खंडूरी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। 2007 से लेकर 2009 तक खंडूड़ी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। यह वही दौर था जब वाजपेयी के स्वास्थ्य खराब रहने लगा था और आडवाणी एवं सुषमा समेत कई बड़े नेता खंडूड़ी को हटाने के पक्ष में आए और सूबे की कमान रमेश पोखरियाल निशंक के हाथों में आ गई।
