चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और आम जनमानस को उनके घर के नजदीक ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दो बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार ने सोनीपत स्थित 200 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल की क्षमता को अपग्रेड कर 300 बिस्तरीय करने और हिसार जिले के ग्रामीण क्षेत्र पनिहार चक में एक नया उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी साझा करते हुए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के प्रत्येक नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं। इसी विज़न को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने इन दोनों प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई है, जिसमें सोनीपत के अस्पताल का अपग्रेडेशन विशेष रूप से शामिल है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा इस वर्ष के बजटीय सत्र के दौरान की गई थी।
सोनीपत के नागरिक अस्पताल की क्षमता में इस विस्तार से स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में जिला अस्पताल पर मरीजों का भारी दबाव रहता था, लेकिन अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 300 होने से न केवल गंभीर मरीजों को बेड के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अस्पताल में नए वार्डों का निर्माण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और अतिरिक्त डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का रास्ता भी साफ होगा। इससे मरीजों के परिवारों का आर्थिक व मानसिक बोझ भी घटेगा।
इसी तरह ग्रामीण आंचल में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कड़ी में हिसार जिले के गांव पनिहार चक को एक बड़ी सौगात मिली है। यहाँ नए उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना को मुख्यमंत्री द्वारा दी गई मंजूरी से पनिहार चक सहित इसके आसपास के कई गांवों के लोगों का जीवन आसान होगा। अब ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को सामान्य बीमारियों के इलाज, नियमित टीकाकरण, और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के शहरों या बड़े नागरिक अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें अपने ही गांव में प्राथमिक उपचार और मुफ्त दवाइयां सुलभ हो सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का समान रूप से आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
