अमृतसरः गुरुद्वारा सुधार आंदोलन के महान योद्धा सरदार तेजा सिंह समुंदरी की शताब्दी के उपलक्ष्य में कल एक विशेष दीवान सजाया जाएगा। महान सिख योद्धा सरदार तेजा सिंह समुंदरी जिन्होंने गुरुद्वारा सुधार आंदोलन, साका ननकाना साहिब और गुरु के बाग जैसे मोर्चों पर अहम योगदान दिया था, उनकी 100वीं जयंती शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा खालसाई शान-ओ-शौकत के साथ मनाई जा रही है। 17 को सुबह 9 बजे उनके नाम पर बने सरदार तेजा सिंह समुंदरी हॉल में श्री अखंड पाठ साहिब का आयोजन होगा, जिसके बाद दिन भर गुरमत समागम चलेगा।
अपने शांत और संयमित स्वभाव के कारण सरदार तेजा सिंह समुंदरी जिन्होंने बिना किसी लड़ाई-झगड़े के कई गुरुद्वारों का प्रबंधन किया। उनको सिख-विरोधी ताकतों ने गिरफ्तार कर लाहौर जेल में डाल दिया था। अदालत में गवाही के दिन उन्होंने पूरे जोश के साथ अपना पक्ष रखा, लेकिन अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे शहीद हो गए।
इस महान शहीद की याद में आयोजित कार्यक्रमों में उनका परिवार विशेष रूप से भाग ले रहा है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भारी संख्या में आएं और उस योद्धा को श्रद्धांजलि दें, जिसने सिख धर्म, गुरुद्वारों की गरिमा और आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
