देवरियाः बिजली के करंट से युवक की मौत पर गांव में तनाव की स्थिति बन गई। परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही बताते हुए संस्कार करने से मना कर दिया और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग है कि परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।
मृतक की पहचान निखिल कुशवाहा के रूप में हुई है वह एयरफोर्स की भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। तहसीलदार अलका सिंह, नायब तहसीलदार गोपाल प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, कानूनगो और लेखपाल मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद भी गांव पहुंचकर परिवार से मिले। देर रात तक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही।
स्वजन ने अधिकारियों के समक्ष मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 30 लाख रुपए का मुआवजा, किसान आपदा राहत योजना के तहत आर्थिक सहायता तथा विद्युत विभाग की लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा कि हादसा विभागीय लापरवाही का परिणाम है, इसलिए पीड़ित परिवार को पर्याप्त सहायता मिलनी चाहिए।
वार्ता के दौरान प्रशासन ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। अधिकारियों ने बताया कि विद्युत विभाग में मानदेय के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग से नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी दिया गया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद स्वजन प्रशासन के आश्वासन पर सहमत हो गए। इसके बाद समझौते की औपचारिक कार्रवाई शुरू हुई और अंतिम संस्कार की तैयारियां की जाने लगीं। घटना के बाद गांव में ग्रामीण जुटे रहे।
