कर्मचारियों ने बताया कि उनको 14 अप्रैल तक मार्च माह का वेतन नहीं मिला। बददी में गैस की कमी के कारण पहले ही टिकना मुश्किल है और कंपनी हमारे शोषण पर उतारु हो चुकी है। जब भी वेतन बढ़ाने की बात आती है तो कंपनी आनाकानी करती है।
Fइसके अलावा कंपनी सरकार द्वारा बढ़ाई गई दिहाडी नहीं दे रही और आज भी में 11700 रुपये मासिक मिल रहा है जबकि हमें 8 घंटे के 15000 रुपये चाहिए। यहां पर श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उडाई जा रही है और हमें न्याय देने वाला कोई नहीं है।
