चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे बच्चे अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिक विज्ञान और तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करते हुए ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी जी के सपने को साकार कर रहे हैं। उनके हाथों में आधुनिक तकनीक, हृदय में करुणा, दृष्टि विश्वव्यापी होने के साथ- साथ कदम भारत की मिट्टी से जुड़े हैं। मंगलवार को लाडवा के डीबीएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की 22वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऑडिटोरियम हॉल का उद्घाटन किया।
विद्यापीठ वैदिक शिक्षा, संस्कृत, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव को बढ़ा रही आगे
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में वर्ष 1977 में स्थापित श्री जयराम विद्यापीठ ने वैदिक शिक्षा, संस्कृत, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव को आगे बढ़ाया। इस विद्यापीठ से शिक्षा प्राप्त कर हजारों विद्यार्थी समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा कर रहे हैं। लोहार माजरा में 22 एकड़ भूमि पर स्थापित सेठ नवरंगराय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय ने बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए नए द्वार खोले।

भारत विभाजन के समय कुरुक्षेत्र में शरणार्थियों की स्वामी जी ने की सेवा
स्वामी जी के व्यक्तित्व का एक और प्रेरक पक्ष उनकी राष्ट्रीय चेतना थी। भारत विभाजन के समय उन्होंने कुरुक्षेत्र में शरणार्थियों की सेवा की। चीन और पाकिस्तान के आक्रमण के समय जन जागरण किया। हरियाणा के बाढ़ पीड़ितों और उत्तरकाशी के भूकंप पीड़ितों की सहायता की।

इन संस्थानों में शिक्षा, संस्कार, शिक्षा व संस्कृति के माध्यम से उनके सपने को साकार कर रहे हैं। यहां से शिक्षा ग्रहण करके बच्चे देश के किसी न किसी क्षेत्र में सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद, मां-बाप की कृपा बच्चों पर होनी जरूरी है।