नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आज दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड और शहरी विस्तार सड़क-II (UER-II) का उद्घाटन किया। पीएम ने दिल्ली के रोहिणी में रोड शो भी किया और एक जनसभा को संबोधित किया। पीएम के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकारी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी उपस्थित रहे। करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना ने ट्रैफिक जाम से जूझती दिल्ली को बड़ी राहत दी। इससे राजधानी की कनेक्टिविटी और मजबूत बनेगी।
11 सालों में हुआ दिल्ली का सुधार
पीएम मोदी ने कहा है कि अगस्त का महीना आजादी और क्रांति का प्रतीक है। ऐसे समय में राजधानी दिल्ली विकास क्रांति का साक्षी बन रही है। पीएम ने कहा है कि नई सड़क परियोजना से दिल्ली, गुरुग्राम और पूरे एनसीआर में लोगों की आवाजाही आसान होगी। अब ऑफिस फैक्टरियों और कारोबार के लिए आना-जाना पहले से अधिक सहज होगा। इससे समय की बचत होगी और व्यापारियों तथा किसानों को खास फायदा होगा। उन्होंने दिल्ली-NCR के नागरिकों को इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बधाई दी है।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा है कि बीते 11 सालों में दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। वहीं आज विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, विशाल मेट्रो नेटवर्क, नमो भारत जैसी रेपिड रेल सेवाएं और अब नई सड़कें मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड दिल्ली को जाम से बड़ी राहत देंगे।
भारत से खरीदें सामान
पीएम ने इस दौरान लोगों से आग्रह भी किया है कि त्योहारों पर स्थानीय उत्पाद ही खरीदें ताकि मजदूर और कारोबार दोनों को फायदा हो पाए। पैसा भारत में ही रहे पीएम ने कहा कि दिल्ली ऐसी राजधानी बन चुकी है जो अतीत की विरासत और भविष्य की आधुनिकता का संगम कराती है। उन्होंने यह विश्वास जताया है कि दिल्ली आने वाले समय में एक बेहतरीन और विकसित राजधानी बनकर उभरेगा। UER-II के शुरु होने के बाद सफर आसान हो जाएगा। अभी जहां पर सिंधु बॉर्डर से द्वारका एक्सप्रेसवे तक की दूरी तय करने में भी ढाई घंटे लग जाते हैं। ऐसे में अब यह सफर महज 40 मिनट में पूरा होगा। इसके अलावा रोज दिल्ली में एंट्री करने वाले तीन लाख वाहनों को शहर के अंदर भी आने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
ऐसा होगा द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन
द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन बेहद खास है। 10.1 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को 5,360 करोड़ रुपये की लागत के साथ बनाया गया है। यह सेक्शन शिव मूर्ति चौक से द्वारका सेक्टर-21 तक 5.9 किलोमीटर और सेक्टर-21 से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर 4.2 किलोमीटर तक फैला हुआ है।