अमोलाः मध्य प्रदेश के अमोला में शराब की दुकानों के विरोध को लेकर गांव की महिलाओं और पुलिस के बीच विवाद हो गया। ऐसे में शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई बन गया। दरअसल, पिछले 3 दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण विरोध आझ उग्र हो गया। अमोला थाना क्षेत्र के अमोल गांव में शासकीय शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस-आबकारी टीम के बीच जमकर बवाल हुआ। नौबत यहां तक आ गई कि महिलाओं ने लाठी-डंडों से पुलिस जवानों और आबकारी कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। बताया जा रहा है कि अमोल गांव में जो शासकीय कलारी संचालित हो रही है, वह सीधे स्कूल, हनुमान मंदिर और अस्पताल के नजदीक है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में तो लाइसेंसी शराब बिकती है, लेकिन शाम होते ही इसकी आड़ में गांव में कच्ची और अवैध शराब की सप्लाई की जाती है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं।
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ऐसे में महिलाओं के शराब दुकान पर पहुंचने से पहले ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर मौजूद थीं। महिलाओं ने दुकान बंद कराने की मांग की, लेकिन इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर महिलाओं ने लाठियां उठा लीं और आगे बढ़ गईं। महिलाओं ने लाठियां और पत्थर बरसाकर पुलिस के साथ ही आबकारी कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान जिस जगह है, वहां से स्कूल, हनुमान मंदिर और अस्पताल पास में हैं। इस दुकान को यहां से हटाया जाए। कलारी के आड़ में गांव में बिकवाई जा रही कच्ची और अवैध शराब को पूरी तरह से बंद किया जाए। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे कुछ लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया तो हालात बिगड़ गए। इसके बाद महिलाएं उग्र हो गईं। सैंकड़ों लोगों की भीड़ के बीच फंसे पुलिसकर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
भौंती थानांतर्गत मनपुरा में भी अवैध रूप से बेची जा रही शराब के खिलाफ महिलाओं ने आंदोलन छेड़ दिया। आक्रोशित महिलाएं शासकीय शराब की दुकानों के अंदर घुस गईं और शराब की पेटियों को बाहर लाकर बोतलों को फोड़ दिया। इसके अलावा गांव में अवैध रूप से बेची जा रही शराब दुकान पर भी हमला बोला। महिलाएं मनपुरा से पैदल-पैदल भौंती और मनपुरा के बीच में स्थित नयाखेड़ा गांव पर पहुंच गईं। दुकान के ठेकेदार को इसकी सूचना पहले ही मिल गई और वह दुकान बंद करके भाग गया। इस बारे में एसपी यांगचेन डोलकर भूटियाका कहना है “हमें बताया गया था कि लोग आएंगे और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन देंगे, परंतु भीड़ में कुछ उपद्रवी घुस गए और उन्होंने लोगों को भड़का कर बवाल कराया।” एएसपी आर.डी. प्रजापतिका कहना है “मौके पर चौकी का फोर्स था लेकिन अचानक 200 लोग आक्रोशित हो गए। कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”