चंडीगढ़: एचआईवी/एड्स के खिलाफ अपनी लड़ाई में हरियाणा ने एक बड़ी सफलता दर्ज की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य ने कुछ ही महीनों के भीतर वैश्विक 95-95-95 लक्ष्यों पर अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है और देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में उभरकर सामने आया है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन का विवरण देते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने आक्रामक मरीज ट्रैकिंग, लक्षित हस्तक्षेप (Targeted Interventions), विस्तारित जांच, इलाज में निरंतरता (Treatment Retention) और एक अभूतपूर्व राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह अभियान विशेष रूप से युवाओं और संवेदनशील समुदायों पर केंद्रित है।
जिला स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी, पंचकुला और यमुनानगर ने निदान, उपचार और वायरल सप्रेशन के प्रमुख परिचालन लक्ष्यों में ‘सुरक्षित’ का पूर्ण लक्ष्य दर्जा प्राप्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के समग्र प्रदर्शन ने राज्य को देश के छह शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में ला खड़ा किया है। डॉ मिश्रा के अनुसार प्रमुख रेलवे स्टेशनों और व्यस्त सड़क किनारों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जबकि सिनेमाघरों में वीडियो स्पॉट दिखाए जा रहे हैं और दूरदर्शन पर इनका प्रसारण किया जा रहा है। आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो), निजी एफएम चैनलों और बस स्टेशन अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से ऑडियो अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में ऑटो-हुड रैप्स और कैब डिस्प्ले के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन ब्रांडिंग भी शामिल है।
हरियाणा स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला प्रशासनों, पुलिस और बाल विकास एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत कर रहा है ताकि विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के बीच स्क्रीनिंग का विस्तार किया जा सके और मां से बच्चे में एचआईवी के प्रसार (Vertical Transmission) को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।