चंडीगढ़: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि आधुनिकता के दौर में कहीं न कहीं हमारी पुरानी परंपराएं लुप्त व कमजोर होती जा रही थीं, लेकिन जाट समाज विकास समिति ने उन्हें पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि चौपाइयों और नगाड़ों के माध्यम से युवाओं को अपनी संस्कृति, संस्कार और इतिहास से जोडऩे का कार्य किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा मिलेगी।
मंत्री आज पलवल स्थित जाट धर्मशाला में जाट समाज विकास समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय चौपाई महाकुंभ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने की।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि चौपाई महामेला में बृज क्षेत्र का चौपाइयों, जिक्री, रसिया और नगाड़ों के माध्यम से हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का एक सराहनीय प्रयास है।
उन्होंने कहा कि समाज की पुरानी परंपरा हमें हर परिस्थिति में तैयार रहने, साहस और प्रेरणा देने का कार्य करती थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएं लुप्त नहीं होनी चाहिए बल्कि इन्हें और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए। मंत्री ने जाट धर्मशाला के विकास के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की और साथ ही एक आधुनिक लाइब्रेरी तैयार करवाने की भी घोषणा की।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2013-14 में सरकारी स्कूलों का दसवीं कक्षा का परिणाम लगभग 48 प्रतिशत तथा 12वीं का परिणाम करीब 53 प्रतिशत था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार किए गए और व्यवस्थाओं को ठीक करते-करते सरकारी स्कूलों का परिणाम 70 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि परिणामों में सुधार होने से शिक्षकों और विद्यार्थियों का हौसला भी बढ़ा। आज स्थिति यह है कि सरकारी स्कूलों और सीबीएसई स्कूलों के परिणामों में केवल दो-तीन प्रतिशत का ही अंतर रह गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि सरकारी स्कूलों के श्रेष्ठ गुरुजनों की मेहनत और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के तरीके का परिणाम है।
इतिहास और भाईचारे को जीवित रख रही हैं चौपाइयां- मंत्री गौरव गौतम
हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि पलवल क्षेत्र का चौपाई महामेला एक अनोखा आयोजन है, जो चौपाइयों और नगाड़ों के माध्यम से छत्तीस बिरादरी को जोडऩे और भाईचारे का संदेश देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि चौपाइयों के माध्यम से युवाओं को क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और वीर महापुरुषों जैसे दादा कान्हा रावत, महाराजा सूरजमल और राजा नाहर सिंह के संघर्षों से अवगत कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि जो समाज और क्षेत्र अपने इतिहास को भूल जाते हैं, वे दोबारा गुलामी की ओर बढ़ जाते हैं। इसलिए इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने जाट धर्मशाला के विकास के लिए 21 लाख रुपए देने की घोषणा की।

