चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष को उनके शासनकाल का रिकॉर्ड याद दिलाते हुए कहा कि जो लोग प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने शासनकाल के अपराध के आंकड़े और उस दौर की घटनाओं को भी देखना चाहिए।
प्रदेश की जनता विपक्ष के काले कपड़े नहीं, इनके काले कारनामे देख रही है
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और अपनी भावना व्यक्त करने का अधिकार है। कांग्रेस जिस व्यक्ति को अपना रोल मॉडल बता रहे हैं, राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उसकी बड़ी तस्वीर अपने घर के अंदर और बाहर लगानी चाहिए। ऐसे लोगों को संरक्षण देना कांग्रेस की फितरत और उसकी सोच को दर्शाता है।
कांग्रेस के शासनकाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि ‘रूलतंत्र’ था
कांग्रेस के शासनकाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि ‘रूलतंत्र’ था, जिसमें लोग अपने घर, सामान और जीवनभर की कमाई छोड़कर भागने को मजबूर हुए। उन्होंने मई 2002 के कंडेला प्रकरण का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि किसानों पर गोलियां किसने चलवाई थीं। फायरिंग में किसानों की जान गई और अनेक लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि आज किसान हितैषी होने का दावा करने वाले बताएं कि उनके कार्यकाल में किसानों की मांगों का जवाब संवाद से दिया गया था या गोलियों से।
कांग्रेस अपने दस साल के शासनकाल के अपराध के आंकड़ों का भी जवाब दे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस सत्ता में आई तो प्रदेश की जनता ने उम्मीद की थी कि व्यवस्था बदलेगी, लेकिन व्यवस्था बदलने के बजाय अपराध का स्वरूप और भयावह होता गया। जुलाई 2005 में गुरुग्राम में होंडा कंपनी के आंदोलनरत श्रमिकों पर हुई पुलिस कार्रवाई की तस्वीरों ने पूरे देश को झकझोर दिया था।