चंडीगढ़ : पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि तथा जल संरक्षण मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज फाजिल्का विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को लगभग 45.74 करोड़ रुपये की लागत वाली सात सिंचाई एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 33.51 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई तीन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा 8.89 करोड़ रुपये की लागत से नदी सतलुज क्रीक पर बनने वाले वी.आर. ब्रिज के निर्माण का शिलान्यास करने के साथ-साथ भूमिगत पाइपलाइन एवं वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से सोलर पंपों द्वारा सेम-ग्रसित भूमि सुधार की 3.34 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में 42.56 किलोमीटर नहरों की कंक्रीट लाइनिंग, 81.36 किलोमीटर खालों को पक्का करना, साझा भूमिगत पाइपलाइन योजना सिंचाई परियोजना तथा सेम-ग्रसित भूमि के सुधार से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य नहरी पानी की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करना और टेलों तक पानी की पहुंच को और मजबूत करना है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री के साथ फाजिल्का के विधायक श्री नरेंद्रपाल सिंह सवना भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इसके पश्चात अपने संबोधन में श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि जल संसाधन विभाग के कैनाल सर्कल फिरोजपुर के अंतर्गत नहरों की लाइनिंग एवं खालों को पक्का करने के कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे नहरों में पानी का बेहतर प्रवाह सुनिश्चित हुआ है और टेलों तक पानी की पहुंच में भी महत्वपूर्ण सुधार आया है। इसी प्रकार कच्चे खालों का नवीनीकरण कर उन्हें पक्का करने से किसानों को नहरी पानी अधिक मात्रा में मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने टेलों तक पानी पहुंचाने को प्राथमिकता दी है और टेलों पर पानी की उपलब्धता 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पंजाब के इतिहास में पहली बार संभव हुआ है। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने गांव वल्ले शाह उताड़ (नूरशाह) से वल्ले शाह हिठाड़ (गुलाबा भैणी) को जोड़ने के लिए रिवर सतलुज क्रीक पर 8.89 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वी.आर. ब्रिज के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि लगभग 370 फीट लंबा यह ब्रिज जून 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है। इस ब्रिज के बनने से वल्ले शाह हिठाड़, गुलाबा भैणी, रेते वाली भैणी, गट्टी नंबर-1 सहित 11-12 गांवों के लोगों की आवाजाही सुगम होगी और जलालाबाद तक की यात्रा लगभग 15-20 किलोमीटर कम हो जाएगी।
इसके पश्चात कैबिनेट मंत्री ने भूमि एवं जल संरक्षण विभाग से संबंधित 3.64 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं में से एक का उद्घाटन किया तथा तीन परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें साझा भूमिगत पाइपलाइन परियोजना मोघा नं. 67800 (30 लाख रुपये) का उद्घाटन किया गया, जबकि मोघा नं. 63997 (51 लाख रुपये), वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम (सोलर पंप के माध्यम से सेम-ग्रसित भूमि सुधार) परियोजना गांव खुईखेड़ा (83 लाख रुपये) तथा गांव लखेवाली ढाब (2 करोड़ रुपये) की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सिंचाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर निवेश कर रही है। नहरों की लाइनिंग, खालों को पक्का करना, पाइपलाइन-आधारित सिंचाई प्रणाली तथा पुलों का निर्माण जैसी परियोजनाएं किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क सुविधा को भी और मजबूत करेंगी।
इस दौरान विधायक श्री नरेंद्रपाल सिंह सवना ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और प्रदेश भर में करोड़ों रुपये की लागत से खालों को पक्का करने के कार्य किए जा रहे हैं, ताकि टेलों तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी विकास कार्य इसी गति से जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में नहरी खालों को पक्का करने, भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, पुलों के निर्माण तथा अन्य बुनियादी ढांचे के विकास कार्य तीव्र गति से करवाए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, जल संसाधन विभाग फिरोजपुर कैनाल सर्कल संदीप गोयल, कार्यकारी इंजीनियर फाजिल्का कैनाल एवं ग्राउंड वाटर मंडल फिरोजपुर गितेश उपवेजा, कार्यकारी इंजीनियर अबोहर कैनाल एवं ग्राउंड वाटर मंडल अबोहर सुखजीत सिंह सहित सिविल, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित थे।
