नई दिल्ली, 26 मई, 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने NEET, CBSE कक्षा 12, SSC GD और B.Tech परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि SSC GD परीक्षा से भी अब लगातार अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कई परीक्षा केंद्रों से सर्वर फेल होने की शिकायतें मिली हैं, जबकि कुछ केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों को बुलाने के आरोप भी लगे हैं।
AAP प्रमुख ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार एक भी परीक्षा को सही तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के कब्जे में चली गई है और करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा माफिया इतने बड़े स्तर पर बिना संरक्षण के काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि देश के युवा अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो उन्हें खुद आवाज उठानी होगी और इस व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।
इसी बीच दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और AAP पंजाब प्रभारी Manish Sisodia ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार किसी न किसी परीक्षा को लेकर विवाद, पेपर लीक या अव्यवस्था की खबरें सामने आ रही हैं।
मनीष सिसोदिया ने NEET पेपर लीक, CBSE मूल्यांकन विवाद, UPSC परीक्षा से जुड़े मामलों और उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में VIP रोल नंबर विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि SSC परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को भी सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ा क्योंकि उन्हें कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
AAP नेता ने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है क्योंकि इससे सीधे तौर पर छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि चुनाव जीतने में जितना ध्यान दिया जाता है, उसका थोड़ा हिस्सा भी परीक्षा व्यवस्था सुधारने में लगाया जाए तो छात्रों को राहत मिल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा अब जागरूक हैं और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि छात्र चाहते हैं कि परीक्षाएं ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ आयोजित हों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।
हाल के दिनों में विभिन्न प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं।
