Encounter India
HomeGovernment NewsPunjab GovtPunjab News: पंजाब सरकार ने 2026-27 खरीफ सीजन में DSR तकनीक के...

Punjab News: पंजाब सरकार ने 2026-27 खरीफ सीजन में DSR तकनीक के तहत 5 लाख एकड़ क्षेत्र लाने का रखा लक्ष्य

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

चंडीगढ़, 26 मई: पंजाब सरकार ने भूजल संरक्षण और धान की टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 खरीफ सीजन के दौरान Direct Seeding of Rice (DSR) तकनीक के तहत 5 लाख एकड़ क्षेत्र लाने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ₹40 करोड़ का बजट भी निर्धारित किया है।

पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Gurmeet Singh Khudian ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 2025 खरीफ सीजन के दौरान राज्य के 23,410 किसानों ने DSR तकनीक को अपनाया। इस दौरान लगभग 2,35,899 एकड़ क्षेत्र में सीधे धान की बुवाई की गई।

उन्होंने कहा कि Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹35.38 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता सीधे ट्रांसफर की है। सरकार की ओर से किसानों को DSR तकनीक अपनाने पर ₹1,500 प्रति एकड़ की सहायता राशि दी गई।

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह पहल पंजाब में तेजी से घटते भूजल स्तर को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने इसे “जल संरक्षण की किसान-आधारित क्रांति” बताते हुए कहा कि 2025-26 में किसानों की ओर से मिले अच्छे सहयोग ने सरकार को इस योजना का दायरा और बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने बताया कि DSR तकनीक के जरिए पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में सिंचाई के पानी की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। इस तकनीक में नर्सरी तैयार करने और खेतों में पानी भरकर रोपाई करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की मजदूरी लागत भी काफी कम होती है।

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार खेती को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि DSR तकनीक राज्य की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भूजल स्तर में हो रही गिरावट को रोकना और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों की ओर प्रोत्साहित करना है।

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में DSR तकनीक अपनाएं और प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने के लिए समय रहते ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि DSR तकनीक अपनाने के इच्छुक किसानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल पहले से ही चालू है।

पंजाब लंबे समय से भूजल संकट की चुनौती का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि धान की पारंपरिक खेती में अत्यधिक पानी की खपत होती है, जबकि DSR जैसी तकनीकें पानी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सरकार का मानना है कि यदि अधिक किसान इस तकनीक को अपनाते हैं तो आने वाले वर्षों में भूजल संरक्षण में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

अधिकारियों के अनुसार सरकार 2026-27 खरीफ सीजन में DSR के तहत क्षेत्र बढ़ाने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और जागरूकता अभियान के जरिए प्रोत्साहित करेगी।

- Advertisement -
- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement -
- Advertisement -

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -