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मरीज को बचाने जा रही Air Ambulance क्रैश, डॉक्टर सहित 7 की मौत, देखें वीडियो

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रांची: झारखंड के चतरा में मरीज को बचाने जा रहा एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया। इस घटना में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में डॉ. विकास गुप्ता भी शामिल हैं जो मूल रुप से बिहार के रहने वाले वाले हैं। इस घटना ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। सभी का रो- रोकर बुरा हाल है। सभी मरीज को लेकर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरे थे लेकिन रास्ते में ही चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कथीयाचु के जंगल में क्रैश हो गई। पायलट- क्रू मेंबर सहित 7 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से इस मेडिकल विमान का संपर्क टूट गया था। जानकारी के अनुसार, रांची से दिल्ली के लिए उड़ा मेडिकल एंबुलेंस एयरक्राफ्ट रडार से गायब हो गया। विमान में मरीज और उसके परिजन, एक डॉक्टर और एक मेल नर्स समेत कुल 7 लोग सवार थे। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री ने बताया, “एयर एम्बुलेंस में सवार सभी 7 लोगों की इस दुर्घटना में मौत हो गई।”

मृतकों की पहचान विवेक विकास भगत पायलट, सबराजदीप सिंह पायलट, संजय कुमार मरीज, अर्चना देवी परिजन, धूरू कुमार परिजन, विकास कुमार गुप्ता डॉक्टर और सचिन कुमार मिश्रा पैरामेडिक के रूप में हुई है। इस घटना की पुष्टि चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने की कि एयर एंबुलेंस सिमरिया के जंगल में गिरा। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। हादसे में जान गंवाने वालों में 41 वर्षीय संजय कुमार भी शामिल थे, जो हाल ही में ढाबे में लगी भीषण आग में 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे। बिजली के करंट से हुए ‘इलेक्ट्रिक बर्न’ के कारण उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें 16 फरवरी को रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पिछले दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।

डॉक्टरों ने हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया था। परिजनों ने आर्थिक तंगी के बावजूद एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग किया, ताकि संजय की जान बचाई जा सके। उम्मीदों से भरी यह उड़ान ही उनका अंतिम सफर बन गई। संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के निवासी थे और वर्तमान में चंदवा के गायत्री मोहल्ले में परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में डॉ. विकास गुप्ता की भी मौत हुई है, जो पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। वो बिहार के रहने वाले हैं।

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