चित्तौड़गढ़ः नेशनल हाईवे पर आज सुबह श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट बस पलट गई। इसमें एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हैं। ये श्रद्धालु चित्तौड़गढ़ से प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलियाजी दर्शन के लिए जा रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि बस की छत पर बैठे 20 से 25 यात्री सीधे नेशनल हाईवे की पक्की सड़क पर जा गिरे। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पीछे से कोई तेज रफ्तार गाड़ी नहीं आ रही थी, वरना सड़क पर गिरे यात्री उसकी चपेट में आ सकते थे।
जानकारी देते भादसोड़ा थाना अधिकारी महेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि राजनंदिनी नाम की एक प्राइवेट बस चित्तौड़गढ़ से यात्रियों को लेकर सांवलियाजी जा रही थी। बागुंड के पास बस सर्विस रोड पर चल रही थी कि अचानक ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। इस दौरान बस सीधे नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ गई, जहां आगे कोई रास्ता नहीं था। रफ्तार तेज होने के कारण बस ने जोरदार टक्कर मारते हुए डिवाइडर, वहां लगे बिजली के पोल और सुरक्षा रेलिंग को उखाड़ दिया और मुख्य हाईवे पर जाकर पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर भादसोड़ा पुलिस और चित्तौड़गढ़ सहित आसपास के इलाकों से एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत बस से बाहर निकाला और भादसोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सांवलियाजी मंडफिया हॉस्पिटल पहुंचाया। 4 से 5 गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे में 32 साल के रघुवीर मीणा निवासी नपनिया, तहसील छबड़ा (जिला बारां) की मौत हो गई। बस में सवार यात्री जयपुर, जोधपुर, कोटा, सवाई माधोपुर और उत्तर प्रदेश (UP) समेत विभिन्न राज्यों व जिलों से चित्तौड़गढ़ पहुंचे थे। वहां से सांवलियाजी मंदिर दर्शन के लिए इस बस में सवार हुए थे। हादसे के बाद भादसोड़ा पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को बीच हाईवे से हटवाया और क्षतिग्रस्त बिजली के पोल व रेलिंग को किनारे कर यातायात को सुचारू करवाया। पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
