धर्मपुर की बेटियों ने चंडीगढ़ में दिखाया दमखम,अक्तूबर में श्रीनगर में करेंगी हिमाचल सहित अपने स्कूल का प्रतिनिधत्व
बददी,सचिन बैंसल: मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर जुड़वा बहनों शेफाली और श्वेता ठाकुर ने ताइक्वांडो में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। चंडीगढ़ में आयोजित इंटरस्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में दोनों बहनों ने अंडर-17 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही दोनों का चयन 70वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है, जिसका आयोजन अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में होना है।
प्रतियोगिता में शेफाली ने 42 किलोग्राम भार वर्ग, जबकि श्वेता ने 44 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। उनकी इस सफलता से परिवार, स्कूल और ताइक्वांडो अकादमी में खुशी का माहौल है।
दोनों बहनें पिछले सात वर्षों से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही हैं। लंबे समय से किए जा रहे अभ्यास और अनुशासन का परिणाम है कि उन्होंने राज्य से बाहर आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। श्वेता इससे पहले मध्य प्रदेश के विदिशा और भोपाल में दो बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुकी हैं। वर्तमान में दोनों बहनें दिव्या पब्लिक स्कूल-44, चंडीगढ़ की छात्राएं हैं और यूनिवर्सल ताइक्वांडो अकादमी में कोच गौरव सैनी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होने के बाद अब दोनों की निगाहें श्रीनगर में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं।
शेफाली और श्वेता के पिता रजत ठाकुर हिमाचल प्रदेश में वाणिज्य के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। वह मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र के छोटे से गांव छापनू से संबंध रखते हैं। बेटियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्होंने इसे माता शीतला जी का आशीर्वाद बताया और उनकी मेहनत पर गर्व व्यक्त किया। जुड़वा बहनों की इस उपलब्धि ने न केवल परिवार, बल्कि स्कूल और अकादमी का भी मान बढ़ाया है। अब राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीतना दोनों खिलाड़ियों का अगला लक्ष्य है।
