नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पहले तो दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ-साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। ऐसे में जब सवाल उठा कि अब CJP आंदोलन की कमान किसके हाथों में होगी? तो प्री-रिकॉर्डेड वीडियो पोस्ट करते अभिजीत दीपके ने बड़ा एलान कर दिया है।
बता दें कि गिरफ्तारी की आशंका को भांपते अभिजीत दीपके ने शुक्रवार रात ही एक प्री-रिकॉर्डेड वीडियो शूट कर लिया था। पार्टी ने शनिवार को उस वीडियो को जारी करते ऐलान किया कि जब तक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में है, तब तक संगठन के प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।
उधर, जंतर-मंतर की ओर मार्च करती नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के बाद जिस बस से पुलिस नेहा को ले जा रही थी उसे प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। वहीं पुलिस द्वारा अभी तक 1000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
वहीं रत्ना सिंह ने दिल्ली की अदालत का रुख किया है, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में जाने से रोकने और गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने के लिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। सिंह द्वारा यह याचिका साकेत कोर्ट के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अभिनव पांडे के समक्ष दायर की गई है।
