चंडीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाधान शिविर सरकार की फ्लैगशिप योजना है। इसलिए सभी अधिकारी हर जिलों में लगाए जाने वाले शिविरों में आने वाली समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। हर समस्या का समाधान नवीनतम तकनीकी का लाभ उठाते हुए करें जिससे कोई भी समस्या लंम्बित नही रहेगी।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को चण्डीगढ़ में समाधान प्रकोष्ठ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।समाधान प्रकोष्ठ शिकायत निवारण प्रक्रिया दोहरी सत्यापन व्यवस्था एवं राज्य स्तरीय कार्रवाई का ढांचा है। इसमें समस्याओं को रिओपन कर विस्तार से समीक्षा की जाती है और संबंधित शिकायतकर्ता से फोन करके उसके बारे में जानकारी ली जाती है। इसलिए राज्य स्तर पर 5591 शिकायतें दोबारा खोली गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान समाधान शिविरों में 92848 शिकायतें आई, जिनमें से 55365 शिकायतों का समाधान किया गया।

समाधान शिविर की शिकायतों का उपायुक्त स्वयं पढ़कर सर्वेक्षण एवं निपटारा करें। इसके अलावा सभी एसडीएम भी शिकायतों को पढ़कर ही निपटाएं। यदि कुछ समस्याओं में पॉलिसी बनाने से जनता को राहत मिलती है तो पॉलिसी बनाकर कार्य किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी 10 दिन में हर जिले से कई तरह के 10 सुझाव अवश्य भेंजे। उन्होंने कहा कि कई समस्याओं में पोलिसी के कारण दिक्कतें आ रही हैं तो वह अधिकारियों की इंटरवेंशन से ही दूर होंगी।
