चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार पंचायती भूमि पर भी प्राकृतिक खेती शुरू करेगी। इसके लिए पंचायतों को अपनी भूमि पर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रथम चरण में अगले वर्ष के प्रारम्भ में पंचायती भूमि के 10 फ़ीसदी हिस्से को प्राकृतिक खेती करने के लिए पट्टे पर दिया जाएगा।
राणा अपने कार्यालय में “बजट-घोषणाओं” तथा “सीएम-घोषणाओं” से संबंधित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार भी उपस्थित थे। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को आम-बजट में की घोषणाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की 800 एकड़ भूमि पर तो प्राकृतिक खेती की ही जाएगी, साथ ही साथ अब पंचायती भूमि पर भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती से होने वाली उपज की बिक्री के लिए अनाज मंडियों में अलग व्यवस्था की जाएगी। खेतों की मिट्टी के साथ-साथ ट्यूबवेल के पानी की जाँच में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को इस पानी की जांच करवाने के लिए किसानों को जागरूक करने तथा उनको प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। अब तक लगभग 3 हजार किसानों ने अपने ट्यूबवेल के पानी की जांच करवाई है।
