ऊना,सुशील पंडित: उपमंडल अम्ब में विभिन्न संगठनों के सहयोग से विद्यार्थियों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने शुक्रवार को विशाल महामार्च निकाला। इस रोष प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 को वापस लेने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के नाम एसडीएम अम्ब के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। स्वर्ण एकता मंच के अध्यक्ष अनूप कुमार शर्मा ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि महामार्च में 5000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
ज्ञापन में यूजीसी रेगुलेशन 2026 के वर्तमान स्वरूप को उच्च शिक्षा, शोधार्थियों के भविष्य, युवाओं के रोजगार और सामाजिक भाईचारे के लिए चिंताजनक बताते हुए इसे वापस लेने या छात्र हित में संशोधन करने की मांग की गई। इसके अलावा एससी/एसटी अधिनियम के तहत निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने और संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए अग्रिम जमानत का स्पष्ट प्रावधान करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाए जाने की मांग भी रखी। ज्ञापन में कहा गया कि समाज के सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। साथ ही आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए ऐसे परिवारों को दायरे से बाहर करने का प्रावधान करने की मांग की गई, जो पहले ही आर्थिक आधार पर लाभ प्राप्त कर चुके हैं और वर्तमान में संपन्न स्थिति में हैं।
महामार्च में स्वर्ण एकता मंच, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, क्षत्रिय महासभा और व्यापार मंडल अम्ब सहित विभिन्न संगठनों ने भाग लिया। स्वर्ण एकता मंच की ओर से अध्यक्ष अनूप कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष वरिंदर मंडियाल, अजय शर्मा, अजमेर सिंह व कृपाल ठाकुर, महामंत्री रमन राजन, सचिव मुनीश शर्मा, सह सचिव प्रहलाद ठाकुर व करनैल सिंह राजू, प्रवक्ता अजय शर्मा और मीडिया प्रभारी विवेक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष स्पर्श शर्मा, प्रदेश सचिव विनोद डोगरा, जिला ऊना अध्यक्ष विजय शर्मा और महासचिव रविद्र दि्वेदी ने भाग लिया। क्षत्रिय महासभा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रभात सिंह के साथ पवन ठाकुर, गोल्डी चौहान, सुरेश सोनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। व्यापार मंडल अम्ब के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी भी महामार्च में शामिल हुए।