बद्दी,सचिन बैंसल: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के परवाणू शाखा कार्यालय की ओर से विश्व मानक दिवस 2026 के अवसर पर बद्दी के होटल सरोवर पोर्टिको में विभिन्न औद्योगिक लाइसेंसधारी एवं गैर-लाइसेंसधारी उद्योगों के लिए स्टेकहोल्डर्स कॉन्क्लेव एवं MSME इंडस्ट्री मीट का आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व मानक दिवस की थीम “बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण: एसडीजी-7—सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेष ध्यान” रही। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों एवं हितधारकों को गुणवत्ता मानकों, मानकीकरण तथा प्रमाणित उत्पादों के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गुणवत्ता एवं मानकों से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में BBNIA के उपाध्यक्ष एवं मेंटर MSME अजय वर्मा, CIPET बद्दी के संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख मनोज कुमार राजपूत तथा एसडब्ल्यूसीए नालागढ़ के उप निदेशक सन्नी मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। BIS परवाणू शाखा कार्यालय से निदेशक एवं प्रमुख सुभाष नाइक तथा संयुक्त निदेशक एवं वैज्ञानिक-डी शुभम तिवारी ने उद्योग प्रतिनिधियों को अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रिया, मानक ऑनलाइन पोर्टल, भारतीय मानकों तथा स्कोप इंक्लूजन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए विभिन्न प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया। वक्ताओं ने औद्योगिक विकास, गुणवत्ता अनुपालन और मानकीकरण की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन करने से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ उद्योगों की विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होती है।
BIS अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो भारतीय मानकों (आईएस स्टैंडर्ड्स) के माध्यम से सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रहा है। इन मानकों में ऊर्जा दक्षता, संसाधनों के संरक्षण, अपशिष्ट में कमी तथा पर्यावरण अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित किया जाता है, जो सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा के एसडीजी-7 के लक्ष्य को समर्थन प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उद्योगों में गुणवत्ता व्यवस्था को मजबूत करने, सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने तथा प्रमाणित एवं मानक-अनुरूप उत्पादों को अपनाने को लेकर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम का समापन क्षेत्र के औद्योगिक केंद्रों में गुणवत्ता, मानकीकरण और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।