जालंधर, ENS: धोबी मोहल्ला में जगह को लेकर विवाद हो गया। दो दिन पहले भगवान वाल्मीकि चौक पर इसी मामले को लेकर प्रदर्शन भी किया गया था। वहीं आज मामले को लेकर प्रेस वार्ता की गई। जहां ज्योति कुमार ने कहा कि उनका परिवार पिछले 80 वर्षों से ईएस 99 धोबी मोहल्ला नकोदर रोड, जालंधर में अपने पैतृक घर में रह रहा है। उनका आरोप है कि पिछले एक साल से दमनपाल सिंह उर्फ चन्नी, सुरमीत सिंह और अमनदीप सिंह उर्फ सनी तीनों हमारे घर के सामने (मेन रोड) पर दुकानों की खरीद के लिए जाने का दावा करके हमें हमारे पैतृक घर को खाली करने की धमकी दे रहे है।
इस मामले को लेकर ज्योति की माता शारदा ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद वह और उसकी बेटी घर में रह रहे हैं। इस घर को लेकर उनका केस माननीय न्यायालय में चल रहा है और फिर माननीय न्यायालय ने हमारे पक्ष में अंतरिम रोक लगा दी है। आरोप है कि इसके बावजूद 2 सितंबर, 2026 को दमनपाल सिंह उर्फ चन्नी और सरमीत सिंह जबरन कुछ अज्ञात लोगों को अपने साथ ले गए और हमारे घर की छत तोड़ दी। मां के अनुसार जब उसने और उसकी बेटी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो दमनपाल सिंह चन्नी और सुरमीत सिंह ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उसके कपड़े फाड़ दिए।
इस घटना में दोनों घायल हो गई और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके द्वारा घटना को लेकर थाना 4 में हमले और यौन उत्पीड़न के बारे में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। हमने इस संबंध में पुलिस को अपना बयान दे दिया है। पीड़िता परिवार का कहना है कि वह इस घटना के संबंध में थाने के कई बार चक्कर काट चुके और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर चुके है। परिवार का आरोप है कि इस संबंध में एसएचओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। परिवार के अनुसार एसएचओ का कहना है कि एडीसीपी सिटी-1 द्वारा कार्रवाई रुकवाई हुई है।
परिवार का आरोप है कि पुलिस उन पर घर खाली करने और राजीनामा करने का दवाब बना रही है। परिवार द्वारा एक सीसीटीवी फुटेज जारी की गई, जिसमें 21 सितंबर शाम 6 बजे सुरमित सिंह, दमनपाल 7 से 8 अज्ञात लोगों को और एसीपी राजेश ठाकुर व एसएचओ अजमेर लाल के साथ घर पर आ गए। आरोप है कि उक्त लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट की। ऐसे में आज परिवार ने प्रेस वार्ता करके मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है और परिवार ने सुरक्षा की मांग की है।