चंडीगढ़: पंजाब सरकार की बाल-केंद्रित और संवेदनशील सोच का एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां सड़कों पर असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन बिता रही एक नन्ही बच्ची को अब एक प्यार भरे और सुरक्षित परिवार की छांव मिल गई है। कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया के माध्यम से यह बच्ची अब अपने जीवन के एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है, जहां उसे प्यार, स्नेह, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की संभावनाएं मिलेंगी।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित भविष्य और पारिवारिक प्यार का एहसास करवाना भी है।
मामले की जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2019 में जन्मी इस बच्ची को 19 नवंबर 2024 को पटियाला के लीला भवन क्षेत्र से ‘जीवनजोत 2.0’ अभियान के तहत रेस्क्यू किया गया था। यह अभियान सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान करके उन्हें सुरक्षा, देखभाल और उचित पुनर्वास उपलब्ध करवाने के लिए चलाया जा रहा है।
“किसी भी बच्चे का भविष्य उसकी मजबूरियों या परिस्थितियों से तय नहीं होना चाहिए। हमारी जिम्मेदारी केवल बच्चे को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे प्यार, सुरक्षा और अवसरों से भरपूर जीवन देना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हर उस बच्चे के साथ खड़ी है, जिसे सहारे और देखभाल की जरूरत है,” डॉ. बलजीत कौर ने कहा।