चंडीगढ़ः पंजाब में मुलाजिमों और पेंशनर्स के पेंडिंग पड़े डीए समेत बकाया मांगों को लेकर आज बड़ा फैसला हुआ। चंडीगढ़ में सीएम भगवंत मान के साथ मुलाजिम नेताओं की मीटिंग के बाद सरकार ने ऐलान किया कि वो 8% डीए जारी करेगी। मीटिंग में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, पार्टी प्रधान व कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर भी मौजूद रहे।
इसके अलावा सांझा फ्रंट ऑफ पेंशनर्स, संयुक्त मुलाजिम मंच, पंजाब सचिवालय एसोसिएशन, पंजाब सिविल सचिवालय ऑफिसर्स एसोसिएशन (Retd.) समेत अलग-अलग संगठनों के 12 नेताओं को बुलाया गया था। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अमन अरोडा के साथ मुलाजिमों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंत्री ने कहा कि सीएम के साथ मीटिंग के बाद मुलाजिमों का डेडलॉक टूट गया है। मुलाजिम हमारे परिवार का हिस्सा हैं।
अमन अरोड़ा ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का हक है और सरकार को उसको सुनना चाहिए। डीए को लेकर सरकार ने 8 प्रतिशत देने की बात कही है। इसी वेतन के साथ मिलेगा। 8 प्रतिशत देने से करीब 248 करोड़ रुपए सरकार पर अतिरिक्त बोझ होगा। अमन अरोड़ा ने कहा कि बैठक में सीएम भगवंत मान ने कर्मचारियों की सभी मांगें विस्तार से सुनी हैं। उन्होंने कहा कि 99% मुद्दे पिछली सरकारों की देन हैं।
कर्मचारियों के साथ आगे भी बैठकें जारी रहेंगी और करीब दो सप्ताह बाद सीएम के साथ फिर बैठक होगी। अमन अरोड़ा ने कहा कि बैठक में दो मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की बनाई गई गांठें अब खोलना शुरू कर दिया गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच कोर्ट-कचहरी तक पहुंचे विवादों को भी बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिश की जाएगी।