टेक्नोलॉजी: ऐप्पल ने आईफोन का नया मॉडल लॉन्च कर दिया है। इसमें ऐसे कई फीचर्स भी होते हैं जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता। ऐसा ही आईफोन में एक कमाल का फीचर है Eye Tracking। इसकी मदद से आप अपनी आंखों की हरकत से आईफोन की स्क्रीन पर मौजूद कर्सर कंट्रोल कर पाएंगे। इसके अलावा कई कामों के लिए उंगली से स्क्रीन छूने या Mouse की जरुरत ही नहीं होगी।
ऐसे काम करेगा आईफोन का Eye Tracking Feature
Eye Tracking Apple का एक इस तरह का Accesibility फीचर है जिसको खासतौर पर ऐसे यूजर्स के लिए बनाया है जिनको टचस्क्रीन इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है। इसे कोई भी आईफोन का यूजर इस्तेमाल कर सकता है। ये फीचर आईफोन के फ्रंट कैमरे और ऑन डिवाइस मशीन लनिंग की मदद से समझता है कि आपकी नजर स्क्रीन पर किस जगह है। इसके बाद स्क्रीन पर एक पॉइंटर आपकी आंखों के डायरेक्शन के अनुसार भी घूमता है। ऐसे में खास बात ये है कि इसके लिए किसी भी अलग हार्डवेयर या फिर Eye Tracking डिवाइस की जरुरत नहीं पड़ेगी।
आंखों से इस तरह चलेगा आईफोन
आई ट्रैकिंग एक्टिवेट करने के बाद आपको फोन को नॉर्मल तरीके से अपने सामने रखना पड़ेगा। इसके बाद जैसे स्क्रीन पर किसी आइकन, बटन या दूसरे हिस्से को देखेंगे तो पॉइंटर आपकी नजर के साथ उसी जगह पहुंचेगा। किसी ऑप्शन को चुनने के बाद कुछ देर तक उसी जगह देखें। इसको Dwell Control कहते हैं। ऐसे में यह पॉइंटर को किसी भी आइटम पर थोड़ी देर रोकने से खुद ही यह ऑप्शन सेलेक्ट हो जाएगा। ऐसे में स्क्रोलिंग, ऐप खोलने और स्क्रीन पर मौजूद अलग-अलग ऑप्शनों को चुनने जैसे काम टच किए बिना कर सकते हैं।
हर आईफोन में मौजूद नहीं है ये फीचर
आई ट्रैकिंग फीचर हर पुराने आईफोन में आपको नहीं मिलेगा। इसको इस्तेमाल करने के लिए ऐसा आईफोन लें जिसमें जरुरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सपोर्ट मौजूद है। इसके साथ ही फोन को आई ट्रैकिंग सपोर्ट करने वाले IOS वर्जन पर अपडेट होना चाहिए।
हर आईफोन में मौजूद नहीं है ये फीचर
आई ट्रैकिंग फीचर हर पुराने आईफोन में आपको नहीं मिलेगा। इसको इस्तेमाल करने के लिए ऐसा आईफोन लें जिसमें जरुरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सपोर्ट मौजूद है। इसके साथ ही फोन को आई ट्रैकिंग सपोर्ट करने वाले IOS वर्जन पर अपडेट होना चाहिए।