तरन तारनः जिले में सरकारी कॉलेज के एक कर्मचारी ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट को बताया। मृतक की पहचान तरसेम सिंह के नाम से हुई, जो गुरु अर्जन देव सरकारी कॉलेज की लाइब्रेरी में पिछले करीब 26 साल से काम कर रहा था। मामला रविवार रात का है, फिलहाल पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। वीडियो में कर्मचारी ने कहा कि पिछले एक साल से जगतार सिंह क्लर्क, जो पिछले महीने सुपरिंटेंडेंट बना है, उसने मुझे बहुत परेशान किया है। जब मुझे टाइफाइड बुखार हुआ, तो मैंने मेडिकल छुट्टी ली। उस समय भी उसने मुझसे 5 हजार रुपए रिश्वत ली। वहीं तरसेम सिंह की पत्नी नीतू ने कहा कि मेरे हस्बैंड अच्छे-भले नौकरी करते थे।
कॉलेज के कर्मचारी ने किया सु/साइ/ड, क्लर्क पर लगाए आ/रो/प#CollegeNews #EmployeeNews #BreakingNews #LatestNews pic.twitter.com/nFcA10tku5
— EncounterIndia (@encounterindia) September 14, 2026
आरोप है कि जगतार सिंह ने उन्हें धमकियां दिवाईं। वह जब कोई काम करवाते थे तो कहता था कि 5 हजार रुपए दे। वह 5 हजार नहीं देते थे तो उन्हें धमकियां मिलती थीं। कहता था कि तुम्हारी बदली करवा देनी है। उनकी तनख्वाह नहीं डालता था। दूसरों के बिल बन जाते थे, उनका बिल नहीं बनाता था। उनकी लकीरें निकलवा-निकलवा कर देता था। उन्होंने अब सुसाइड कर लिया। वहीं सुसाइड से पहले मृतक ने वीडियो जारी करके कहा कि हेलो जी, मेरा नाम तरसेम सिंह है। मैं श्री गुरु अर्जुन देव सरकारी कॉलेज तरनतारन में एलए की ड्यूटी कर रहा हूं। आज तक मेरे किसी भी काम को लेकर कोई शिकायत नहीं आई। मैंने हमेशा पूरी ईमानदारी से ड्यूटी की है। लेकिन पिछले 1 साल से जगतार सिंह क्लर्क, जो पिछले महीने सुपरिंटेंडेंट बना है, उसने मुझे बहुत परेशान किया है।
जब मुझे टाइफाइड बुखार हुआ तो मैंने मेडिकल छुट्टी ली। उस समय उसने मुझसे 5 हजार रुपए रिश्वत ली। इसके बाद मुझे लोन करवाना था और इसके लिए एक कागज की जरूरत थी। उस समय भी उसने मुझसे 5 हजार रुपए रिश्वत ली। अब मैं फिर 1 महीने की मेडिकल छुट्टी पर रहा। मेरे बच्चे मेरी छुट्टी देने के लिए कॉलेज आए, लेकिन कॉलेज में किसी भी कर्मचारी ने उनसे मेरी छुट्टी नहीं ली। मेरी बड़ी बेटी, जिसकी उम्र 17 साल है, उसे 4 बार छुट्टी देकर कॉलेज से वापस भेज दिया गया। इस व्यक्ति ने मुझे पिछले 1 महीने से बहुत परेशान किया है। 10 तारीख को मेरी मिन्नतें करवाने के बाद वेतन डाला गया। अब फिर मुझसे 5 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है। वह कह रहा है कि पैसे दे, नहीं तो तेरी बदली करवा दूंगा।
एक तारीख को प्रिंसिपल ने मुझे कॉलेज बुलाया और कहा कि जैसी भी तेरी हालत है, एक बार आकर मुझसे मिलो। जब मैं मिलने गया तो प्रिंसिपल को अपनी शारीरिक हालत के बारे में बताया। उन्होंने बहुत प्यार से मुझे कहा कि जगतार सिंह के पास जाकर छुट्टी ले लो और उससे बात करो। एक तारीख की अगर सीसीटीवी चेक की जाए तो उसमें दिख जाएगा कि उस समय मेरे साथ किस तरह का व्यवहार किया गया। मैंने उससे बहुत माफी मांगी और हाथ भी जोड़े, लेकिन इस व्यक्ति पर सुपरिंटेंडेंसी का अहंकार चढ़ा हुआ है। उसने कहा कि जाओ, जाकर अपनी ड्यूटी का कहीं और पता करो और कोई दूसरा कॉलेज देखो। मैं तेरी बदली करवाकर रहूंगा।
इस व्यक्ति ने मुझे इतनी टेंशन दी है कि मैं इससे परेशान हूं। मेरी जिंदगी के 10 साल और नौकरी बाकी है। इसकी वजह से मेरी जिंदगी खराब हुई है। मेरी मौत का जिम्मेदार यह व्यक्ति होगा। यदि मेरे परिवार को इंसाफ नहीं मिला तो मेरी लाश को कॉलेज में रखा जाए। तब तक संस्कार न किया जाए, जब तक इंसाफ नहीं मिलता। मैं पूरी होश में कह रहा हूं कि मेरी मौत का जिम्मेदार सुपरिंटेंडेंट जगतार है। इसे सजा दी जाए और मेरे परिवार को इंसाफ दिया जाए। इसने मुझे कई धमकियां दी हैं कि मेरी पहुंच बड़े अफसरों तक है और मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। तुझे बदलवा कर रहूंगा। मैं शेड्यूल्ड कास्ट से हूं, इस कारण इतनी पहुंच लायक नहीं हूं। मेरे परिवार को इंसाफ दिलाया जाए।