चंडीगढ़ः नशे के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। शहर में घोड़ों से गश्त के साथ थाना प्रभारी और एरिया डीएसपी रात को भी फील्ड में उतर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के वीडियो बनाकर मीडिया तक पहुंचाए जा रहे हैं। महज चार दिन में पुलिस के इस बदले तेवर को चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
जंगल एरिया, खंडहरों और श्मशान घाट के पास बनाए गए नशेड़ियों के अड्डों पर माउंटेड पुलिस की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जंगल क्षेत्र से लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास से 10 रुपए के नोट, फॉइल पर लगा चिट्टा, लाइटर और गर्म करने वाले चम्मच बरामद हुए। पुलिस ने छापेमारी के दौरान सरकारी कैमरामैन और पुलिसकर्मियों के मोबाइल से हर गतिविधि की वीडियोग्राफी की, ताकि कोर्ट में केस साबित हो सके।
चंडीगढ़ पुलिस ने 82 लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लेते हुए उन्हें जेल भेजा है। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के तहत 16 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें ड्रग्स की रिकवरी भी हुई है। पुलिस ने ग्राउंड लेवल पर आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। इस मुहिम में केवल थाना प्रभारी और एरिया डीएसपी ही नहीं, बल्कि सीआरपीएफ की टीम भी साथ है। सीआईडी विंग को भी पूरी तरह एक्टिव किया गया है। सीआईडी की टीम कॉलोनियों में अपने मुखबिरों के जरिए ड्रग सप्लायरों और पैडलरों की सूची तैयार कर रही है।
एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के साथ-साथ अब स्थानीय पुलिस सीआरपीएफ के हथियारबंद जवानों को साथ लेकर अलसुबह और देर रात सरप्राइज चेकिंग व रेड कर रही है। शहर में सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए दो या उससे अधिक एनडीपीएस केस वाले अपराधियों को पीआईटी-एनडीपीएस के तहत एक साल के लिए डिटेन करने की रूपरेखा तैयार की गई है। चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया बीते वीरवार को नगर निगम के कार्यक्रम नशा मुक्त चंडीगढ़ में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि पुलिस एक्शन ले तो नशा खत्म हो सकता है। उन्होंने एरिया पार्षदों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे को रोकने के लिए आगे आने को कहा था।