चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग का तबादला कर दिया है। राज्य में चल रहे गंभीर बिजली संकट, अघोषित बिजली कटौती और इसके खिलाफ किसानों व उद्योगपतियों के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने यह कदम उठाया है। ऐसे में उनकी जगह पर पंजाब सरकार ने 2001 बैच के IAS अधिकारी गुरकीरत कृपाल सिंह को पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) का चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) नियुक्त किया है। जारी आदेशों के अनुसार, गुरकीरत कृपाल सिंह को पीएसपीसीएल में अपनी भूमिका के अलावा PSTCL के चेयरमैन-सह-मैनेजिंग डायरेक्टर की ज़िम्मेदारी भी सौंपी गई है।

ऐसे में अलग-अलग विभागों को कुशलता से संभालने के लिए गुरकीरत कृपाल सिंह के सामने बिजली विभाग को पटरी पर लाने की एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि राज्य के थर्मल पावर प्लांट कोयले की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। हालांकि अभी बिजली के कटों से लोगों को राहत देने का कैबिनेट मंत्री की ओर से ऐलान कर दिया गया है। पिछले साल के मुकाबले बिजली की मांग 3,500 MW बढ़कर लगभग 16,000 MW हो गई है। कोयले की अनियमित सप्लाई के कारण बिजली का उत्पादन लगभग 6,000 MW तक ही सीमित रह गया।
पंजाब के राज्यपाल की मंजूरी के बाद मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से जारी आदेश के अनुसार दोनों अधिकारियों के विभागों में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया गया है। बसंत गर्ग को अब प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग नियुक्त किया गया है। इसके साथ उन्हें पूंजी प्रोत्साहन विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग प्रोत्साहन विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है।
बसंत गर्ग के पास इससे पहले बिजली विभाग के साथ-साथ पावर निगमों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। राज्य में लंबे बिजली कट और बिजली आपूर्ति को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सरकार को घेरा जा रहा है। इसी बीच पावर विभाग की कमान बदलने के फैसले को अहम माना जा रहा है। हालांकि सरकारी आदेश में फेरबदल को प्रशासनिक जरूरत बताते हुए किसी अधिकारी के कामकाज पर टिप्पणी नहीं की गई है।