नई दिल्ली: Brics Summit के आखिरी दिन पीएम मोदी ने चेतावनी दे डाली है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरुरी मिनरल्स को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना तरक्की में बाधा डाल सकता है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच में मजबूत साथ का आह्वान भी किया है। अपनी समापन टिप्पणी में पीएम मोदी ने मानव विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच में संतुलन बनाने की जरुरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता में भारत का फोकस चार चीजों पर था एक लचीलापन, दूसरा इनोवेशन, तीसरा साथ और चौथा सस्टेनेबिलिटी। उन्होंने कहा कि भारत ने सदस्य देशों के साथ से इस ग्रूप के साथ शेयर विजन को दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साथ में बदलने का काम किया है।
ब्रिक्स में टेक्नोलॉजी को अपनाने पर दिया गया जोर
पीएम मोदी ने यह चेतावनी दी है कि रणनीतिक संसाधनों और टेक्नोलॉजी का दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करने से साझा विकास पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि – टेक्नोलॉजी और अहम खनिजों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल साझा कर प्रगति में बाधा डाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि ब्रिक्स ने टेक्नोलॉजी को अपनाने में सभी को साथ लेकर चलने पर जोर दिया हऐ।
पीएम का कहना है कि ग्रूप्स को अंदर साथ सिर्फ सरकारों को ही नहीं सीमित नहीं रहना चाहिए। इसमें उद्यमियों, किसानों, शोधकर्ताओ, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों को भी शामिल करना चाहिए। मोदी का कहना है कि – ‘ब्रिक्स सहयोग को सिर्फ सरकारों तक ही नहीं सीमित रखना चाहिए’।
एक दूसरे के प्रतिद्वंदी नहीं है चीन और भारत
वहीं बीते दिन ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग ने यह कह दिया है कि चीन और भारत एक दूसरे के प्रतिद्वंदी नहीं है। दोनों एक दूसरे के साझेदार हैं। उनका कहना है कि दोनों देश एक-दूसरे के विकास के लिए खतरा नहीं है बल्कि मौका है। चीनी विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी किया है। इस बयान में उनका कहना है कि – पिछले दो सालों में शी जिनपिंग और पीएम मोदी दो बार मिल चुके हैं। इन बैठकों में दोनों देशों के संबंधों को फिर से ठीक करने और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।