चंडीगढ़: हरियाणा के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा क्षेत्र से चार बार विधायक और पूर्व कृषि मंत्री रहे स्वर्गीय जसविंदर सिंह संधू के बेटे गगनजोत संधू ने शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में जीवन लीला समाप्त कर ली। गगनजोत ने पंजाब में रोपड़ स्थित अपने फार्म हाउस में खुद को गोली मार ली। घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं और गगनजोत ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
पारिवारिक सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गगनजोत संधू शुक्रवार सुबह ही अपने गृह जिले कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए थे। चंडीगढ़ पहुंचकर वे अपने फार्म हाउस पर रुके हुए थे, जहां दोपहर के वक्त अचानक गोली चलने की आवाज से हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक गगनजोत खून से लथपथ पड़े थे।
आनन-फानन में पुलिस को सूचित किया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। दो बार अपने पैतृक गांव गुमथला गढ़ू के सरपंच रह चुके गगनजोत की असामयिक मृत्यु की खबर जैसे ही पिहोवा और कुरुक्षेत्र क्षेत्र में फैली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गगनजोत के पिता स्व. जसविंदर सिंह संधू हरियाणा की राजनीति का एक कद्दावर चेहरा थे। उनका राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ था।
वर्ष 1987 में जननायक चौधरी देवीलाल के दौर में वे अपने गांव गुमथला गढ़ू के सरपंच चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा और वर्ष 1991 में लोकदल के सिंबल पर पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 1996 में वे दोबारा लगातार पिहोवा से विधायक चुने गए।