फार्माएक्सेल ने रेगुलेटरी एक्सीलेंस, इंडस्ट्री फैसिलिटेशन और फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए किया सम्मानित
बददी,सचिन बैंसल: हिमाचल प्रदेश की ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन ने प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिमाचल की ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन को एप्रीसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान नियामकीय उत्कृष्टता, उद्योग को सुविधा प्रदान करने और फार्मास्यूटिकल निर्यात को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीसीए की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश सरकार की मजबूत नियामकीय व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी फार्मास्यूटिकल इकोसिस्टम तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मास्यूटिकल कारोबार में नैतिक मानकों से समझौता करने वालों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने इसे हिमाचल के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि डीसीए की प्रभावी ड्रग रेगुलेशन व्यवस्था के साथ फार्मा उद्योग के विकास में सहयोग की भूमिका सराहनीय है।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसका श्रेय डीसीए के अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत और प्रोफेशनलिज्म को दिया। डायरेक्टर हेल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशंस जितेंद्र संजटा ने कहा कि प्रशासन का फोकस नियामकीय प्रक्रियाओं में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ उद्योग को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
वहीं, स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि डीसीए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट एवं नियमों के प्रभावी अनुपालन को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। प्रशासन का लक्ष्य प्रदेश में सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
यह राष्ट्रीय सम्मान हिमाचल प्रदेश की फार्मास्यूटिकल सेक्टर में बढ़ती विश्वसनीयता को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। प्रदेश का बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ सहित फार्मा उद्योग देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।