ऊना,सुशील पंडित: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने सोमवार को ‘अपना विद्यालय-हिमाचल स्कूल अडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत गोद लिए गए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) ऊना में छात्रों के साथ संवाद किया। उन्होंने छात्रों को जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का भी आह्वान किया।
उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर भविष्य की दिशा तय करें। जीवन में चुनौतियां आती हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने को कहा।
संवाद सत्र में छात्रों ने करियर, प्रशासन और शिक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल उपायुक्त के समक्ष रखे। उपायुक्त ने सहज अंदाज में उनके सवालों के जवाब दिए तथा उन्हें करियर को लेकर स्पष्ट सोच विकसित करने, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने और लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहने के लिए मार्गदर्शन दिया।
बैडमिंटन कोर्ट के लिए मैट और फ्लड लाइट का प्रस्ताव
विद्यालय में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के संबंध में उपायुक्त ने बैडमिंटन कोर्ट के लिए मैट और फ्लड लाइट उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
83 सरकारी विद्यालय कार्यक्रम में शामिल
उल्लेखनीय हांकी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल ‘अपना विद्यालय-हिमाचल स्कूल अडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत ऊना जिले में प्रथम चरण में 83 सरकारी विद्यालयों को शामिल किया गया है। विभिन्न प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों ने इन विद्यालयों को गोद लिया है। उपायुक्त जतिन लाल ने स्वयं जिले के चार सरकारी विद्यालय गोद लिए हैं और इनमें नियमित रूप से जाकर विद्यार्थियों से संवाद करते हैं तथा विद्यालयों की आवश्यकताओं की जानकारी लेते हैं।
कार्यक्रम की मूल भावना अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता और विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद के माध्यम से उन्हें मार्गदर्शन एवं प्रेरणा देना है। इसके तहत विद्यार्थियों को करियर गाइडेंस, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सकारात्मक जीवन दृष्टि जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देने के साथ विद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुरूप खेल, लाइब्रेरी, आईसीटी और अन्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कौंडल ने कहा कि उपायुक्त के विद्यालय से सीधे जुड़ने और लगातार मार्गदर्शन से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को करियर और भविष्य को लेकर नई दिशा मिली है तथा उनमें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने का हौसला मजबूत हुआ है।