नई दिल्लीः सत्य निकेतन में रविवार को पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत ढहने से 6 छात्रों की मौत चुकी है, जबकि अब भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। सर्च और रेस्क्यू का काम अब भी जारी है। दर्दनाक घटना के बाद इसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें इमारत गिरने के बाद वहां बाहर बैठे एक व्यक्ति को अपनी जान बचाने के लिए भागते देखा जा सकता है।
सत्य निकेतन में गिरी इमारत के मलबे के बीच से देर रात तक लोगों की तलाश जारी रही। रात भर मलबा हटाने का कार्य चलता रहा। इस दौरान छात्र और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। राहत और बचाव कार्य व मलबा हटाने का काम देर रात तक पर जारी रहा। स्थानीय लोग भी बचाव दल की मदद करते दिखे। वहीं कुछ छात्र अपने साथियों की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखे।
सत्य निकेतन में हादसे की जांच के लिए दिल्ली सरकार ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जांच कर हादसे के दोषियों का पता लगाएगी। वहीं, पुलिस की कई टीमें इमारत के फरार मालिक की तलाश में छापेमारी भी कर रही है।
सत्य निकेतन में पांच मंजिला हॉस्टल के भरभराकर गिरने के बाद मलबे में दबे छात्रों को बचाने के लिए एनडीआरएफ के जवान अत्याधुनिक तकनीक और विशेष उपकरणों के साथ जुटे हुए हैं। मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश के लिए लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित सर्च डॉग्स और आधुनिक कटिंग मशीनों की मदद से रेस्क्यू टीमें छात्रों को सुरक्षित निकालने का अभियान चला रही हैं। एनडीआरएफ की टीम ने जिंदगी के संकेत मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई करते एक अचेत व्यक्ति को करीब 15 मिनट में मलबे से बाहर निकाल लिया। वहीं दो अन्य को करीब 30 मिनट में सुरक्षित निकाला गया। फंसे लोगों की लोकेशन मिलने के बाद एनडीआरएफ ने ब्रीचिंग व कटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया।