चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी केवल महान कवि ही नहीं, बल्कि ऐसे युगदृष्टा संत थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम की भक्ति और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाकर भारतीय संस्कृति का पुनर्जागरण किया। रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर पर आयोजित गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गोस्वामी समाज के हरियाणा और पंजाब से आए प्रतिनिधि, सरपंच, पंच तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने कठिन परिस्थितियों में समाज को आशा का दीप दिखाया
नायब सिंह सैनी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का नाम लेते ही मन में भक्ति, मर्यादा, ज्ञान और जनकल्याण की भावना जागृत होती है। वे केवल महान कवि नहीं थे, बल्कि ऐसे युगदृष्टा थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी समाज के सामने आशा का दीप जलाया।
रामचरितमानस केवल कथा नहीं, जीवन जीने की मर्यादा सिखाती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने ‘रामचरितमानस’ के माध्यम से केवल भगवान श्रीराम की कथा नहीं सुनाई, बल्कि जीवन जीने की मर्यादा सिखाई। उन्होंने बताया कि पिता के प्रति पुत्र का कर्तव्य क्या हो, भाई का भाई के प्रति व्यवहार कैसा हो, राजा का प्रजा के प्रति दायित्व क्या हो, सेवक का धर्म क्या हो और समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी क्या हो, इन सभी प्रश्नों के उत्तर रामचरितमानस में सरल भाषा में मिलते हैं।