चंडीगढ़: हरियाणा सरकार की SAFAL योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए हारट्रॉन द्वारा SAFAL योजना के तहत आयोजित SAFAL Computer-Based Scholarship Test का 6 सितंबर 2026 को प्रदेशभर में सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
हारट्रॉन के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि SAFAL योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक Information Technology के क्षेत्र में उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध करवाकर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। प्रवक्ता ने बताया कि SAFAL योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 निर्धारित की गई थी। इस अवधि के दौरान कुल 1,720 आवेदन प्राप्त हुए। योजना के तहत पात्रता के लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होना तथा आवेदक का न्यूनतम शैक्षणिक स्तर 10+2 उत्तीर्ण या उससे अधिक होना निर्धारित किया गया था।
उन्होंने कहा कि SAFAL योजना केवल छात्रवृत्ति प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को अत्याधुनिक आईटी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।